कोलकाता, 23 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के दोआर और तराई क्षेत्र के चाय बागानों में सोमवार से प्रस्तावित तीन-दिवसीय हड़ताल 30 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
यूनियन के एक नेता ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारी यूनियन को उस दिन तक न्यूनतम पारिश्रमिक की घोषणा करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।
कर्मचारी यूनियन ने जल्द से जल्द न्यूनतम वेतन के मुद्दे को सुलझाने की मांग को लेकर 23 से 25 जुलाई तक हड़ताल का नोटिस दिया था।
आम तौर पर, चाय श्रमिकों का वेतन समझौता तीन साल के लिए होता है और अंतिम अनुबंध 31 मार्च, 2017 को समाप्त हो गया था।
पश्चिम बंगाल सरकार ने पारिश्रमिक को 132.50 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये करने के लिए 17.50 रुपये की अंतरिम वृद्धि का प्रस्ताव दिया था, जो जनवरी से प्रभावी था।
यूनियनों ने इस मामूली वृद्धि का विरोध किया।
ट्रेड यूनियनों के संयुक्त फोरम के संयोजक, चाय क्षेत्र में काम कर रहे ट्रेड यूनियनों के एक सहयोगी संगठन और सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीआईटीयू) के महासचिव (चाय उद्योग) जिया-उल-आलम ने आईएएनएस को बताया, “राज्य सरकार ने हमें इस महीने के अंत तक न्यूनतम मजदूरी की घोषणा करने का आश्वासन दिया है और इसकी घोषणा 30 जुलाई तक होने की संभावना है।”
उन्होंेने कहा, “न्यूनतम मजदूरी तय करने को लेकर एक मसौदा हालिया बैठक में साझा किया गया था। हमने राज्य श्रम विभाग के अधिकारियों से न्यूनतम मजदूरी में सामाजिक-सांस्कृतिक लागत घटक के साथ बिजली, ईंधन लागत शामिल करने का आग्रह किया है। ये चीजें गायब थीं।”
आलम ने कहा, “इसके मद्देनजर यूनियनों ने 30 जुलाई तक हड़ताल रोकने का संकल्प लिया।”
राज्य ने एक मई, 2018 से प्रति कर्मचारी नौ रुपये प्रति दिन की दर से खाद्यान्न की खरीद लागत पर बचत के चलते मुआवजे का अंतरिम भुगतान भी शुरू किया है।
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