ढाका, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। बांग्लादेश की सबसे बड़ी इस्लामी पार्टी के प्रमुख मातीउर रहमान निजामी की फांसी की सजा के खिलाफ पुनर्विचार याचिका पर अपीली अदालत ने सुनवाई टाल दी है। शीर्ष अदालत ने निजामी की फांसी की सजा बरकरार रखी थी।
निजामी के वकील ने रविवार को अदालत से कुछ और समय मांगा था, जिस पर मुख्य न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिन्हा के नेतृत्व वाली अपीली अदालत की खंडपीठ ने सुनवाई एक सप्ताह के लिए टाल दी।
सुनवाई के बाद बांग्लादेश की वेबसाइट बीडीन्यूज24 डॉट कॉम से निजामी के वकील एस.एम.शाहजहां ने कहा, “हमने अदालत से छह सप्ताह का समय मांगा था, लेकिन एक सप्ताह का ही समय मिला। इसके बाद याचिका पर सुनवाई होगी।”
बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी पार्टी के अध्यक्ष निजामी (72) ने शीर्ष अदालत के फैसले पर पुर्विचार के लिए 29 मार्च को एक याचिका दायर की थी। शीर्ष अदालत ने 1971 में युद्ध अपराध के लिए उनकी फांसी की सजा बरकरार रखी थी।
इस साल जनवरी में शीर्ष अदालत ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायाधिकरण 2014 के फैसले के खिलाफ उनकी अपील ठुकरा दी थी।
1971 में निजामी जमात-ए-इस्लामी के छात्र संगठन के प्रमुख थे। उस समय बांग्लादेश के स्वतंत्रता आन्दोलन को दबाने के लिए पाकिस्तानी अभियान में उन्होंने पाकिस्तानी सेना का साथ दिया था। निजामी ने नागरिक सैन्य संगठन अल बदर का नेतृत्व किया था, जो नरसंहार, दुष्कर्म, लूट और बंगाली बुद्धजीवियों की हत्या के लिए मशहूर था।
जब सारे न्यायिक विकल्प समाप्त हाो जाते हैं तो फांसी की सजा पाने वालों के लिए पुनर्विचार याचिका अंतिम वैधानिक उपाय है।
शीर्ष अदालत के फैसले की पूरी प्रति प्रकाशित होने के बाद न्यायाधिकरण ने 16 मार्च को निजामी के खिलाफ मृत्यु वारंट जारी किया था।
युद्ध अपराध से संबंधित निजामी का छठा मामला है, जो शीर्ष अदालत के फैसले के प्रकाशित होने के बाद पुनर्विचार के स्तर तक पहुंचा है।
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