ढाका, 23 नवंबर (आईएएनएस)। बांग्लादेश सरकार ने राजधानी ढाका में पाकिस्तान के उच्चायुक्त को समन जारी किया है। समन पाकिस्तान सरकार की ओर से यह कहे जाने के बाद जारी किया गया है कि वह युद्ध अपराधों के दो दोषी नेताओं को फांसी दिए जाने से ‘बहुत व्यथित’ है।
सलाहुद्दीन कादर चौधरी (67) और अली एहसान मोहम्मद मुजाहिद (68) 1971 के युद्ध संग्राम के दौरान अपराधों को अंजाम देने के दोषी पाए थे। उन दोनों को रविवार को ढाका के केंद्रीय कारागार में फांसी दी गई।
विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने वेबसाइट ‘बीडीन्यूज’ को बताया कि पाकिस्तान के उच्चायुक्त शुजा आलम को सोमवार को मंत्रालय आने और फांसी को लेकर पाकिस्तान सरकार के बयानों पर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया।
पाकिस्तान ने 2013 में युद्ध अपराधों के एक अन्य दोषी अब्दुल कादर मौला की फांसी का भी विरोध किया था।
पाकिस्तान ने अपनी संसद में यह कहते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया था कि मौला को इसलिए फांसी पर लटकाया गया, क्योंकि ‘वह पाकिस्तान के प्रति वफादार था और उसने 1971 के दौरान पाकिस्तानी सेना को सहयोग दिया।’
इससे एक जनाक्रोश फैल गया था, जिसके चलते बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के तत्कालीन उच्चायुक्त को समन जारी किया था और पाकिस्तान सरकार की प्रतिक्रिया का पुरजोर विरोध किया था।
पाकिस्तान ने रविवार को युद्ध अपराधों के दोषी चौधरी और मुजाहिद की फांसी को ‘गहन चिंता और तकलीफ’ के रूप में बयां किया।
पाकिस्तान सरकार ने रविवार को एक बयान में कहा, “पाकिस्तान इस घटना से बहुत व्यथित है।”
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी फांसी को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया।
पाकिस्तान की ओर से यह भी कहा गया कि अदालती कार्रवाई ‘दोषपूर्ण’ थी।
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