बांग्लादेश ने हिंसक चरमपंथियों को मौका दिया : रपट

ढाका, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। एक अंतर्राष्ट्रीय रपट में सोमवार को कहा गया है कि बल प्रयोग और न्याय देने से इंकार कर बांग्लादेश सरकार ने चरमपंथियों को अलगाव के परिणामों का दोहन करने और अपने राज्य विरोधी एजेंडे को सही ठहराने का मौका दिया है।

वेबसाइट बीडीन्यूज 24 के अनुसार, ब्रसेल्स स्थित अंतर्राष्ट्रीय क्रिस ग्रुप (आईसीजी) ने कहा कि बांग्लादेश सरकार को यह मान लेना चाहिए कि रुख परिवर्तन उसके हित में है, अन्यथा वह हिंसक चरमवाद या जवाबी राजनीतिक खतरों को रोकने में विफल होगी।

इस समूह ने अमेरिका और यूरोपीय संघ को सुझाव दिया है कि नागरिक और राजनीतिक अधिकारों का सम्मान करने के लिए उसे ढाका पर आर्थिक दबाव बनाना चाहिए।

आईसीजी ने भारत से भी कहा कि वह अपने घनिष्ठ संबंधों का इस्तेमाल करते हुए विपक्ष को राजनीतिक भागीदारी और अभिव्यक्ति की स्वीकृति देने लिए बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी आवामी लीग से कहे।

बांग्लादेश में ‘राजनीतिक संघर्ष, चरमवाद और आपराधिक न्याय ‘ पर नई रपट में आईसीजी ने कहा, “खोने के लिए समय नहीं है।”

अंतर्राष्ट्रीय क्रिस ग्रुप बांग्लादेश में 1971 के युद्ध अपराधियों को सजा देने के लिए 2010 में गठित अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरणों का भी आलोचक है।

आईसीजी ने अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरणों को दोषपूर्ण बताते हुए कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए कानून के शासन के लिए बनी संस्थाओं के इस्तेमाल का यह एक प्रमुख उदाहरण है।

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