नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। बांग्लादेश के साथ भूमि सीमा समझौते को क्रियान्वित करने वाले विधेयक को सरकार बुधवार को राज्यसभा में पेश करेगी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जब विपक्ष में थी, उस दौरान वह इस विधेयक का विरोध कर रही थी। इस विधेयक में भारत और बांग्लादेश के बीच परिक्षेत्र प्राप्त करने और उनके हस्तांतरण के लिए दोनों देशों के बीच 16 मई, 1974 को हुए समझौते को प्रभावी बनाने के लिए संविधान की पहली अनुसूची को संशोधित किया गया है।
संविधान की पहली अनुसूची में प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के क्षेत्र परिभाषित किए गए हैं, जो कि मिलकर एक भारत का गठन करते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार सुबह हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस विधेयक को मंजूरी दे दी गई। इस विधेयक में बांग्लादेश के साथ असम, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मेघालय के क्षेत्रों के आदान-प्रदान के समझौते को क्रियान्वित करने का प्रावधान है।
सरकार के एक शीर्ष सूत्र ने बताया कि सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों की एक बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में उन्हें बताया गया कि यह विधेयक भारत के लिए फायदेमंद होगा। हालांकि इस बैठक में कई सांसदों ने विधेयक का विरोध किया।
एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा, “इस विधेयक से बांग्लादेश के साथ सीमाबंदी और घुसपैठ पर नजर रखने में सहायता मिलेगी। यह भारत और बांग्लादेश के रिश्तों के लिए भी अच्छा है।”
मंत्री ने कहा कि इस मामले में शामिल सभी राज्य और राजनीति पार्टियां विधेयक का समर्थन कर रही हैं।
मौजूदा विधेयक में असम को भी शामिल किया गया है। राज्य में हो रहे विरोध के कारण पूर्व के विधेयक में असम को शामिल नहीं किया गया था।
कांग्रेस ने कहा था कि वह इस विधेयक का तब तक समर्थन नहीं करेगी जब तक कि असम को शामिल नहीं कर लिया जाता।
सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की और उन्हें अपने मत से अवगत कराया।
संविधान संशोधन के लिए सरकार को दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता है। राज्यसभा में सरकार अल्पमत में हैं। हालांकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस इस विधेयक के समर्थन में हैं।
सरकार के सूत्रों ने बताया कि सरकार का लक्ष्य इसी संसद सत्र में इस विधेयक को पास कराना है।
मंत्री ने कहा, “एक बार विधेयक राज्यसभा से पास हो जाए, तो हम इसी सत्र में इसे लोकसभा से पास करा लेंगे।”
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