बांग्लादेश में आजादी की अलख जगाने वाले भारतीय कवि का निधन

कोलकाता, 17 जनवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश में लाखों लोगों को देश की स्वतंत्रता के लिए प्रेरित करने वाले गीत रचने वाले भारतीय कवि गोबिंद हालदार का शनिवार का यहां के अस्पताल में निधन हो गया। कवि के परिवार ने बताया है कि बुजुर्ग हालदार (84) किडनी की समस्याओं से ग्रसित थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी पारुल और बेटी गोपा हैं।

कोलकाता, 17 जनवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश में लाखों लोगों को देश की स्वतंत्रता के लिए प्रेरित करने वाले गीत रचने वाले भारतीय कवि गोबिंद हालदार का शनिवार का यहां के अस्पताल में निधन हो गया। कवि के परिवार ने बताया है कि बुजुर्ग हालदार (84) किडनी की समस्याओं से ग्रसित थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी पारुल और बेटी गोपा हैं।

बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद और प्रधानमंत्री शेख हसीना ने हालदार के निधन पर शोक जताया है।

आज जो बांग्लादेश है वह भारत विभाजन के बाद पाकिस्तान का हिस्सा था और उसे पूर्वी पाकिस्तान के रूप में जाना जाता था। 1971 में उस हिस्से में स्वतंत्रा के लिए आंदोलन चरम पर पहुंचा और भारतीय सैन्य हमले के बाद देश को स्वतंत्रता मिली।

हालदार ने ‘ऐक सागोर ए रोक्तेर बिनिमोये बांगलार स्वाधीनता आलो जरा’ जैसे सदाबहार गीत रचना की थी। यह गीत 1990 के दशक में बांग्लादेश टीवी का प्रमुख धुन बना हुआ था। इसके अलावा उनके रचे कुछ गीत आज भी बांग्लादेश के लोगों में भावुकता पैदा करते हैं।

बांग्लादेश के उपउच्चायुक्त के प्रथम सचिव (प्रेस) मोफाकखारुल इकबाल ने कहा कि हल्दार ने 10:20 बजे सुबह आखिरी सांस ली।

बोनगांव में 1 अगस्त 1930 को जन्म लेने वाले हालदार ने स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद केवल 1972 में ही बांग्लादेश की यात्रा की थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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