आईडीसी ने कहा कि साल 2014 में सात इंच के टैबलेट का बाजार में 64.1 फीसदी कब्जा था, लेकिन साल 2015 में यह अनुपात घटकर 57.7 फीसदी रह गया।
आई फोन 6 व 6एस, सैमसंग गैलेक्सी एस6 मॉडल तथा हाल में जारी हुआवे के मेट8 जैसे 5.5 इंच स्क्रीन से बड़े मोबाइल फोन के आने से उपभोक्ताओं का झुकाव सात इंच के टैबलेट से हटता जा रहा है और वे टैबलेट को छोड़ इन दमदार मोबाइल फोन की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।
परिणामस्वरूप, टैबलेट बनाने वाली अधिकांश कंपनियों ने सात इंच या इससे बड़े टैबलेट के विकास की रफ्तार को धीमी कर दी है। इसका उदाहरण इस साल के कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक शो में देखने को मिला, जहां टैबलेट बनाने वाली सैमसंग व एलजी जैसी बड़ी कंपनियों ने सात या आठ इंच के टैबलेट के विकास की एक भी योजना की घोषणा नहीं की।
आईडीसी ने अनुमान जताया है कि वैश्विक बाजार में छोटे टैबलेटों की बिक्री भी घट कर 43 फीसदी रह जाएगी।
आईडीसी में टैबलेट रिसर्च निदेशक फिलिप बोकार्ड के मुताबिक, “छोटी स्क्रीन के टैबलेटों की बिक्री पर फैबलेटों का नकारात्मक प्रभाव पहले भी था और यह नकारात्मक प्रभाव आगे भी जारी रहेगा। जब लोग बड़ी स्क्रीन वाले फोन ले रहे हैं, तो सात इंच के टैबलेट की बिक्री का प्रभावित होना निश्चित तौर पर तय है।”
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