लखनऊ, 3 नवंबर- सुरक्षा पर खर्च का बोझ कम करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को मिली नेशनल सिक्युरिटी गार्ड (एनएसजी) सुरक्षा हटाए जाने और उनके पिता समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव की ‘जेड प्लस सुरक्षा’ में कमी लाए जाने की चर्चा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अखिलेश ने सोमवार को कहा कि वह बिना किसी सुरक्षा के भी रह सकते हैं।
कैबिनेट की बैठक के बाद अखिलेश ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अभी तक तो ऐसा कोई फैसला तो नहीं हुआ है। यदि उनकी सुरक्षा में कमी की भी जाएगी तो उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।
उन्होंने कहा, “मुझे किसी से कोई खतरा नहीं है, मैं बिना किसी सुरक्षा के भी रह सकता हूं।”
चर्चा है कि केंद्र सरकार वीआईपी नेताओं की सुरक्षा पर खर्च में कमी लाने का फैसला जल्द ही ले सकती है। केंद्र के संभावित फैसले से उत्तर प्रदेश में सियासत गरमा गई है।
क्या होती है जेड प्लस सुरक्षा?
राज्य में वीवीआईपी को सुरक्षा देने के लिए चार श्रेणियां बनाई गई हैं। इन्हें जेड प्लस, जेड, वाई और एक्स कैटेगरी कहा जाता है। जेड प्लस कैटेगरी में संबंधित व्यक्ति की सुरक्षा में 40 पुलिसवाले लगाए जाते हैं। साथ ही 10-10 की संख्या में कमांडो की टीम होती है। एक बार में पांच कमांडो तैनात रहते हैं। इनमें से एक प्रभारी होता है, बाकी चार कमांडो संबंधित व्यक्ति को घेरे रहते हैं।
जिन वीवीआईपी को यह सुरक्षा दी गई है, उसके साथ एक सब-इंस्पेक्टर और चार सिपाही की टीम वैन में काफिले के आगे-पीछे चलती है। केंद्र सरकार की ओर से संबंधित व्यक्ति को नेशनल सिक्युरिटी गार्ड के 10-10 कमांडो उपलब्ध कराए जाते हैं। साथ ही, पीएसी का एक कोबरा कमांडो भी तैनात किया जाता है।
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