काबुल, 1 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान-अफगानिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर दोनों देशों के लोगों की निर्बाध (बिना जांच के) आवाजाही पर पाकिस्तान सख्त रुख अपनाने जा रहा है। वह बुधवार से सख्त सीमा नियंत्रण व्यवस्था लागू कर रहा है।
पाकिस्तानी अधिकारियों ने 31 मई की समय सीमा खत्म होने के साथ ही अफगान नागरिकों से कहा है कि वे बिना वैध यात्रा दस्तावेज के सीमा के आरपार आवाजाही न करें। तोरखाम सीमा पर खैबर दर्रे के आरपार आवाजाही के लिए रमजान तथा ईद के दिनों में नियमों में ढील देने के अनुरोध पर पाकिस्तान ने अभी तक विचार नहीं किया है।
जियो न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, खैबर राइफल्स के कर्मचारियों, खासरदारों तथा अन्य सीमा अधिकारियों ने यह घोषणा तोरखाम सीमा पर मंगलवार को लाउडस्पीकर से की।
उन्होंने अफगान नागरिकों को इस बात की सूचना दी कि बिना वीजा तथा अन्य वैध यात्रा दस्तावेजों के पाकिस्तान में दाखिल नहीं होने दिया जाएगा। जो लोग अवैध तरीके से पाकिस्तान में दाखिल होने की कोशिश करेंगे, उन्हें हिरासत में लेकर उन पर मुकदमा चलाया जाएगा।
अफगान नागरिक इस नई पाबंदी से खुश नहीं हैं। सीमा अधिकारियों ने कहा कि अफगान नागरिकों को पाकिस्तान में घुसने से रोकने पर दोनों पड़ोसी देशों के लोगों की दोनों देशों में आवाजाही कम हो जाएगी, जिससे उनका जुड़ाव कम हो जाएगा।
तोरखाम में अफगान सीमा सुरक्षा बल के प्रभारी कर्नल निसार खान ने कहा कि पाकिस्तान को सीमा पर खासकर रमजान के दिनों में और पेशावर में इलाज कराने वाले लोगों को आवाजाही में ढील देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान ढिलाई नहीं बरतता है, तो सभी प्रकार की आवाजाही के लिए तोरखान सीमा को पूरी तरह बंद करने पर हम मजबूर हो जाएंगे। कर्नल ने कहा कि वे पाकिस्तानी ट्रकों को मध्य एशियाई देशों में जाने की अनुमति नहीं देंगे।
तोरखाम में अफगानी अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की कि मुद्दे के समाधान के लिए अफगानिस्तान ने पाकिस्तान से संपर्क बनाया हुआ है।
सूत्रों ने जियो न्यूज से कहा है कि पाकिस्तानी विदेश कार्यालय को समय सीमा बढ़ाने के लिए अफगानिस्तान का आधिकारिक अनुरोध पत्र मिला है।
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