पटना, 11 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल (युनाइटेड) ने मंगलवार को ‘शब्द वापसी’ अभियान के तहत पटना के गर्दनीबाग में महाधरना का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
इस अभियान के तहत 50 लाख बिहारवासी डीएनए जांच के लिए अपने बाल व नाखून के नमूने पता व हस्ताक्षर के साथ प्रधानमंत्री को भेजेंगे।
शब्द वापसी अभियान शुरू किए जाने की घोषणा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को की थी। इससे पहले, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुजफ्फरपुर रैली में संबोधन के दौरान कहे ‘डीएनए’ शब्द वापस लेने का अनुरोध किया था।
जद (यू) के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा, “मोदी नीतीश के संदर्भ में कहे ‘डीएनए’ शब्द तुरंत वापस लें, वरना यह अभियान हम विधानसभा चुनाव तक जारी रखेंगे।”
महाधरना में शामिल जद (यू) के प्रदेश प्रवक्ता संजय सिंह ने बताया कि महाधरना में शामिल लोगों के नाखून और बालों के नमूने लिए जा रहा हैं। ये नमूने प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे जाएंगे, ताकि प्रधानमंत्री नीतीश समर्थकों के डीएनए की जांच करा सकें।
उन्होंने बताया कि 13 अगस्त को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में ‘शब्द वापसी अभियान’ के तहत धरना दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को ट्वीट कर इस अभियान की शुरुआत करने की घोषणा करते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री ने जिस संदर्भ में डीएनए शब्द का इस्तेमाल किया था, उससे बिहार के लोगों का अपमान हुआ है। लोकतंत्र में जनता सवरेपरि है, अब इस विषय का फैसला जनता की अदालत में होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शब्द वापसी अभियान में बिहार के कम से कम 50 लाख लोग प्रधानमंत्री से शब्द वापस लेने की मांग करते हुए हस्ताक्षर करेंगे और डीएनए जांच के लिए अपने नमूने भी प्रधानमंत्री को भेजेंगे।
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