गया, 3 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार में नक्सल प्रभावित गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र के पकरी गुरिया बाजार में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के विरोध में नक्सलियों ने हस्तलिखित पर्चा चिपकाया और बैनर टांगे।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के पर्चे के माध्यम से नक्सलियों ने डुमरी नाला मुठभेड़ पर पूर्व मुख्यमंत्री के बयान पर विरोध जताया है।
पकरी गुरिया बाजार के समीप स्थित यात्री पड़ाव परिसर में लगाए गए बैनर में कहा गया है कि डुमरी नाला मुठभेड़ पर पूर्व मुख्यमंत्री ने बयान दिया था कि पुलिस के साथ मुठभेड़ करने वाले नक्सली नहीं, बल्कि अपराधी, लुटेरे, लेवी वसूलने वाले गिरोह के थे।
इस पर नक्सली संगठन ने मांझी से इस बारे में जवाब मांगा है कि वह बताएं कि असली नक्सली कौन हैं और नकली नक्सली कौन?
मांझी इमामगंज से विधायक हैं।
प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) ने पर्चे के माध्यम से पूर्व मुख्यमंत्री को सांप्रदायिक ताकतों का साथ देने का आरोप लगाते हुए इस पर आम जनता को जवाब देने की मांग की है।
हस्तलिखित पर्चे में लिखा गया है, “मांझी जी, आप महादलित भुइयां जाति से आते हैं, लेकिन आपका चरित्र सामंती पूंजीवादी में बदल गया है। क्या पीछे मुड़कर आपने कभी अपने पूर्वजों का भी ख्याल किया है?”
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि चिपकाए गए पर्चे और बैनरों को पुलिस ने जब्त कर लिया है तथा पूरे मामले की छानबीन कर रही है।
पिछले दिनों डुमरी नाला में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 10 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे, जबकि तीन नक्सली मारे गए थे।
इस मुठभेड़ के बाद मांझी ने कहा था ऐसी घटनाओं को नक्सली अंजाम नहीं देते।
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