पटना, 2 सितंबर (आईएएनएस)। ट्रेड यूनियनों द्वारा बुधवार को आहूत देशव्यापी हड़ताल का बिहार की राजधानी सहित राज्य के अन्य इलाकों में व्यापक असर देखा गया है। हड़ताल के कारण ऑटो, बस नहीं चलने से सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा है। बीमा और बैंक कार्यालयों में काम ठप रहे।
बिहार प्रदेश बैंक कर्मचारी नेता संजय तिवारी ने बताया कि केंद्र सरकार की आर्थिक, मजदूर-विरोधी नीतियों के खिलाफ और 12 सूत्रीय मांगों को लेकर देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है। हड़ताल में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक समेत लगभग सभी बैंकों में ताले लटके हैं।
उन्होंने कहा, “केन्द्र सरकार देश में मौजूद 44 श्रम कानूनों को चार श्रम संहिता में समाहित कर मालिकों को मनमानी करने की छूट दे रही है। मजदूरों की छंटनी करने, ट्रेड यूनियन के वजूद को ही समाप्त करने की साजिश रची जा रही है।”
पटना की सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित रही। विभिन्न मार्गो पर ऑटो व बस नहीं चले, जिससे आम लोग खासा परेशान रहे।
पटना में बैंकों सहित विभिन्न कार्यालयों में कर्मचारी तो आए, परंतु कार्यालयों में तालाबंदी कर वहीं धरने पर बैठ गए।
हड़ताल का असर राज्य के अन्य भागों में भी दिखा है। मधुबनी रेलवे स्टेशन पर जयनगर-समस्तीपुर पैसेंजर ट्रेन को प्रदशनकारियों ने आधा घंटा तक रोके रखा। सहरसा में भी बंद समर्थकों ने सड़क जाम की। बंद समर्थकों ने आरा में रेल सेवा बाधित की।
राज्य के मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, सिवान, बक्सर, गया, रोहतास व पूर्णिया में भी इसका असर रहा है। हड़ताल के कारण केन्द्र सरकार के कार्यालयों में भी कामकाज ठप रहा।
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