पटना, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार में लोकसभा चुनाव के तहत पहले चरण का मतदान होने में अब मात्र छह दिन बचे हैं, मगर महागठबंधन के प्रमुख घटक दल कांग्रेस में सीट बंटवारे से असंतुष्ट कार्यकर्ताओं का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बुलाई गई चुनाव समिति की बैठक से पहले जमकर हंगामा किया। बाद में कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल को माफी तक मांगनी पड़ी।
चुनाव प्रचार को लेकर यहां पार्टी की ओर से बैठक बुलाई गई थी। बैठक में एक ओर जहां कांग्रेस के कई विधायक नहीं पहुंचे, वहीं दूसरी ओर टिकट बंटवारे से नाखुश कार्यकर्ताओं ने भी जमकर नारेबाजी की। इस दौरान धक्का-मुक्की भी देखी गई।
कहा जा रहा है कि औरंगाबाद सीट हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के खाते में चले जाने के कारण वहां के कांग्रेस कार्यकर्ता नाराज हैं, और वे अपना विरोध जता रहे हैं।
विरोध कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का टिकट बेचा गया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने कहा कि सांसद अखिलेश सिंह के पुत्र को रालोसपा की सीट पर टिकट कैसे मिल गया!
बाद में गोहिल ने मामले को संभालते हुए कहा, “कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को परेशानियां हुई हैं, दुख हुआ है। इसको लेकर मुझे सरेआम माफी मांगने में कोई हर्ज नहीं है। मैं माफी मांगता हूं।”
इससे पहले, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सदानंद सिंह ने यहां कहा कि सीट बंटवारे में कांग्रेस के साथ न्याय नहीं हुआ है।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सदानंद सिंह ने यहां गुरुवार को कहा कि महागठबंधन में सीटों को लेकर कांग्रेस के साथ न्याय नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा, “ये बातें मैंने 25 बार कही हैं। हालांकि अब इसका कोई महत्व नहीं है, जो होना था वह हो चुका है। मैंने सभी बातें आलाकमान को बता दी थी, निर्णय तो उन्हीं को लेना है।”
कांग्रेस के सांसद अखिलेश सिंह के पुत्र आकाश सिंह को रालोसपा से टिकट दिए जाने के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने खुलकर कुछ भी नहीं कहा।
उन्होंने कहा, “रालोसपा में किसे टिकट मिला है, इस पर मैं कुछ नहीं कहना चाहता। मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि महागठबंधन में सीट बंटवारे में कांग्रेस के साथ इंसाफ नहीं हुआ है।”
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