पटना, 12 सितंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन की जेल से रिहाई पर उनकी अगवानी करना सत्तधारी महागठबंधन में शामिल जनता दल (युनाइटेड) के विधायक गिरिधारी यादव को महंगा पड़ा। पार्टी ने सोमवार को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया।
जद (यू) के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने सोमवार को बताया कि बेलहर के विधायक गिरिधारी यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिसमें पूछा गया है कि किन परिस्थितियों में वह शहाबुद्दीन के साथ थे, जिस कारण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आलोचना सुनने की नौबत आ गई।
सिंह ने बताया कि विधायक से 15 दिनों के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इधर, इस बावत पूछे जाने पर विधायक ने कहा कि उन्हें अब तक पार्टी से कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी कोई नोटिस भेजती है, तब वह जवाब देंगे। उन्होंने शहाबुद्दीन की अगवानी में शामिल होने की बात स्वीकारते हुए कहा कि व्यक्तिगत कारणों से वह वहां गए थे।
विधायक ने कहा, “उनके नेता नीतीश कुमार हैं और रहेंगे। इसमें कोई शक नहीं है।”
उल्लेखनीय है कि बाहुबली नेता शहाबुद्दीन चर्चित तेजाब हत्याकांड मामले में पटना उच्च न्यायालय द्वारा जमानत मिलने के बाद शनिवार को भागलपुर जेल से रिहा किए गए थे। जेल के बाहर उनका स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे। इसके बाद करीब 150 गाड़ियों के काफिला के साथ शहाबुद्दीन सीवान के लिए रवाना हुए थे।
शहाबुद्दीन ने जेल से बाहर निकलने के बाद कहा था, “मेरे नेता लालू प्रसाद हैं और रहेंगे। नीतीश कुमार परिस्थितिवश मुख्यमंत्री बने हैं।”
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