बेंगलुरू, 26 जून (आईएएनएस)। भारतीय बास्केटबॉल महासंघ (बीएफआई) ने खेल मंत्रालय पर देश में बास्केटबॉल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कर्नाटक उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है।
बीएफआई का आरोप है कि उसे अंतर्राष्ट्रीय बास्केटबॉल संघ (फीबा) द्वारा कुछ टूर्नामेंटों की मेजबानी मिली है लेकिन खेल मंत्रालय द्वारा अनावश्यक रूप से इसके आयोजन की इजाजत नहीं दिए जाने के कारण देश में बास्केटबॉल का नुकसान हो रहा है।
बीएफआई के अनुसार फीबा ने उसे दक्षिण एशियाई बास्केटबॉल संघ चैम्पियनशिप (एसएबीए) और 28वें फीबा एशियाई चैम्पियनशिप को यहां तीन से पांच जुलाई के बीच आयोजित करने को कहा था लेकिन खेल मंत्रालय उसे इसकी इजाजत नहीं दे रहा है।
बीएफआई ने बताया कि उसने टूर्नामेंट के लिए पिछले साल 29 दिसंबर से इस साल पांच जनवरी के बीच आयोजित 65वें सीनियर राष्ट्रीय बास्केटबॉल चैम्पियनशिप से 24 खिलाड़ियों का चयन भी जारी अभ्यास शिविर के लिए कर लिया था।
बीएफआई के मुताबिक 12 जून को उसे खेल मंत्रालय से एक पत्र मिला जिसमें उससे टूर्नामेंट को आयोजित नहीं कराने की बात कही गई।
बीएफआई द्वारा गुरुवार को दायर इस यचिका के बाद कर्नाटक उच्च न्यायालय ने खेल मंत्रालय के 12 जून के पत्र पर फिलहाल एक अंतरिम स्थगन आदेश दे दिया है।
न्यायालय ने कहा, “इस पत्र को तीन से पांच जुलाई के बीच आयोजित होने वाले टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए आने वाले खिलाड़ियों और अधिकारियों के वीजा जारी करने का मानक नहीं माना जाना चाहिए।”
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