शिमला (हिमाचल प्रदेश), 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश् के कांगड़ा जिले में स्थित बीर और बिलिंग को आधिकारिक तौर पर विश्व के दूसरे सबसे अच्छे पैराग्लाइडिंग आयोजन स्थल का दर्जा प्राप्त है लेकिन हिमाचल सरकार इस स्थान को अब विश्व गोल्फ मानचित्र पर भी स्थापित करने का मन बना रही है।
शिमला (हिमाचल प्रदेश), 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश् के कांगड़ा जिले में स्थित बीर और बिलिंग को आधिकारिक तौर पर विश्व के दूसरे सबसे अच्छे पैराग्लाइडिंग आयोजन स्थल का दर्जा प्राप्त है लेकिन हिमाचल सरकार इस स्थान को अब विश्व गोल्फ मानचित्र पर भी स्थापित करने का मन बना रही है।
हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने आईएएनएस को बताया कि बीर में जहां आज लैंडिंग साइट है, उस स्थान को आने वाले दिनों में विश्वस्तरीय गोल्फ कोर्स के रूप में तब्दील किया जाएगा। सरकार चाहती है कि इस स्थान का की लोकप्रियता का भरपूर दोहन हो और इसे पैराग्लाइडिंग के साथ-साथ गोल्फ के बेहतरीन आयोजन स्थल के रूप में जानाा जाए।
शर्मा ने कहा, “इस स्थान में अपार सम्भावना है। यह एक उत्कृष्ठ पर्यटन स्थल हो सकता है। पैराग्लाइडिंग के विश्व मानचित्र पर यह बेहतरीन आयोजन स्थल के तौर पर स्थापित है लेकिन हमें इसे एक नई पहचान देना चाहते हैं। हमें इस स्थान पर एक विश्व स्तरीय गोल्फ कोर्स विकसित करेंगे। इसके लिए हमें मौजूदा लैंडिंग साइट के आसपास की और भूमिक अधिग्रहित करनी पड़ेगी। सरकार इसे लेकर गम्भीर है। आने वाले समय में इस दिशा में काम शुरू होगा।”
बीर और बिलिंग को आमतौर पर पैराग्लाइडिंग स्थल तथा तिब्बती शरणाथियों के रिहायश के तौर पर देखा जाता है। विश्व के सबसे अच्छे पैराग्लाइडिंग स्थलों में से एक होने के बावजूद बीर और बिलिंग का संरचनात्मक और पर्यटन केंद्र के तौर पर विकास नहीं हो सका था लेकिन यहां आयोजित पैराग्लाइडिंग विश्व कप ने इन दोनों स्थानों की तस्वीर बदल कर रख दी है।
इस महीने की 23 तारीख से शुरू हुए पैराग्लाइडिंग विश्व कप ने बीर और बिलिंग का नक्शा ही बदल दिया है। यहां की सड़कें चमक रहीं है और हर ओर स्ट्रीट लाइट दिख रही है जबकि विश्व कप से पहले यहां कुछ नहीं था। सड़कें टूटी थीं और रास्ते अंधेरे में डूबे रहते थे। आज हालात बदल चुके हैं। बीर से लगभग 1000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पैराग्लाइडिंग टेक ऑफ साइट (उड़ान भरने वाले स्थान) बिलिंग जाने वाली सड़क की भी सूरत बदल गई है और ऊपर जहां पहले सबकुछ काफी अविकसित सा दिखता था, आज चमक रहा है।
इसका सीधा असर यहां पर्यटन से जुड़े रोजगार और व्यवसाय पर पड़ा है। यहां वैसे तो गिने चुने होटल हैं लेकिन अप्रैल-मई (फ्लाइंग सीजन) के अलावा इनमें से अधिकांश हमेशा खाली ही रहते थे। आज हर होटल देसी और विदेशी ग्राहकों से भरा है। रेस्टोरेंट जमकर धंधा कर रहे हैं। स्थानीय लोग इस आयोजन से खुश हैं क्योंकि चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा है और विदेशी सैलानियों के कारण उनका धंधा जमकर चल रहा है। स्थानीय पैराग्लाइडरों और टेक्सी चालकों को भी रोजगार मिल गया है।
यह साफ है कि बीर एक बेहतरीन आयोजन स्थल है। सरकार इसकी इस क्षमता और लोकप्रियता का दोहन करना चाहती है। शर्मा ने कहा कि पैराग्लाइडिंग विश्व कप के कारण बीर विकास के पैमाने पर आसपास के इलाकों से काफी आगे निकल गया है। यह भी एक कारण है कि सरकार इस स्थान के विकास के पहिए को रूकने नहीं देना चाहती और इसी कारण इसे बहु खेल आयोजन स्थल के तौर पर विकसित किया जएगा।
शर्मा ने कहा, “सबसे खास बात यह है कि बीर एक शांत जगह है। यहां कानून व्यवस्था की आमतौर पर जरूरत नहीं पड़ती। 10 दिनों के पैराग्लाइडिंग विश्व कप के दौरान पुलिस की न्यूनतम जरूरत पड़ी। ऐसी जगह खेलों के लिए उत्कृष्ठ है। यहां का मौसम काफी अच्छा है और यह हिमाचल के दूसरे पर्यटन स्थलों से उलट भीड़-भाड़ से दूर है। गोल्फ के लिए यह एक शानदार अयोजन स्थल हो सकता है। यही सोचकर हमने लैंडिंग साइट पर गोल्फ कोर्स बनाने का फैसला किया है।”
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