लाहौर, 29 जुलाई (आईएएनएस)। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी), भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) में मुकदमा दायर करने की योजना बना रहा है। पीसीबी यह कदम दोनों देशों की क्रिकेट टीमों के बीच द्विपक्षीय श्रृंखला से जुड़े समझौता ज्ञापन (एमओयू) का बीसीसीआई द्वारा सम्मान नहीं करने पर उठाने के बारे में सोच रहा है।
पीसीबी के जल्द ही पदमुक्त होने जा रहे अध्यक्ष शहरयार खान ने शनिवार को बताया कि पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय श्रृंखला खेलने के वादे से बीसीसीआई के मुकर जाने के कारण आईसीसी विवाद प्रस्ताव समिति में कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए पीसीबी ने एक अरब रुपये अलग से रखे हुए हैं।
खान ने शुक्रवार को यहां बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) बैठक की अध्यक्षता की। उनकी अध्यक्षता में बीओजी की यह अंतिम बैठक थी। खान ने कहा कि बीओजी ने कानूनी लड़ाई के खर्च को वहन करने के लिए राशि को मंजूरी दे दी जिसके लिए योग्य ब्रिटिश वकीलों को काम पर रखा गया था।
उन्होंने कहा, “हमने इस मामले में अपना प्रतिनिधित्व करने और विवाद समाधान समिति के सामने मुआवजे का दावा पेश करने के लिए एक ब्रिटिश लॉ फर्म को काम पर रखा है।”
खान ने कहा कि पीसीबी के पास विवाद सुलझाने वाली समिति के पास जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है क्योंकि वह बीसीसीआई को एमओयू पर मानने में असफल रहा है।
खान ने कहा, “बीसीसीआई का कहना है कि वे हमारे साथ कोई द्विपक्षीय श्रृंखला इसलिए नहीं खेल सकते क्योंकि उनकी सरकार उन्हें मंजूरी नहीं दे रही है।”
2014 में दोनों बोर्ड ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत दोनों देशों को 2015-2023 के बीच छह द्विपक्षीय श्रृंखला खेलनी थी।
एमओयू के अनुसार, भारत, पाकिस्तान के खिलाफ छह सीरीज खेलने वाला था, जिनमें से चार श्रृंखलाओं की मेजबानी पाकिस्तान को करनी थी।
हालांकि, बीसीसीआई ने दोनों देशों के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव के बाद श्रृंखला पर फैसला भारत सरकार के जिम्मे छोड़ा है।
इस साल मई में पीसीबी ने एमओयू का पालन करने में असफल रहने के लिए बीसीसीआई को कानूनी नोटिस भेजा था जिसमें उसने बीसीसीआई से अपना वादा पूरा नहीं करने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही थी।
शहरयार ने हाल ही में आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने वाली सरफराज अहमद की कप्तानी वाली पाकिस्तान टीम की प्रशंसा की।
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