बांदा, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के हिस्से वाले बुंदेलखंड में पहले बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि, अब रोजाना की बूंदाबांदी से खेत-खलिहानों में रखी फसल को नुकसान पहुंचा रही है। इस बाूंदाबांदी से किसान बेहद परेशान हैं।
उत्तर प्रदेश के हिस्से वाले बुंदेलखंड के जिलों बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर व जालौन में कुछ दिन पूर्व हुई जबर्दस्त बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि लगभग पचास फीसदी फसल नष्ट हो चुकी है। शेष बची फसल खेत या खलिहानों में पड़ी है। इधर रोजाना रुक-रुक कर हो रही बूंदाबांदी किसान अपनी फसल घर नहीं ला पा रहे।
भारतीय किसान यूनियन बांदा के मंडल सचिव ध्रुव सिंह तोमर का कहना है, “बारिश और ओलावृष्टि से पचास फीसदी से ज्यादा फसल नष्ट हो चुकी है, इसके बाद खेत-खलिहानों रखी फसल रोजाना की बूंदाबांदी में सड़ रही है।”
तेंदुरा गांव के किसान रामलगन सिंह ने बताया कि “बारिश और ओलावृष्टि से उनकी करीब पचास बीघे की फसल खेतों में बिखर गई है। मजदूर बटाई में भी काटने को तैयार नहीं हैं।”
बड़ोखर बुजुर्ग गांव के रहने वाले प्रगतिशील किसान प्रेम सिंह ने बताया कि “समूचे बुंदेलखंड का किसान पहले ही तबाह हो चुका है, अब बूंदाबांदी घाव में नमक छिड़क रही है।”
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