बुनकर से आईएएस, फिर मंत्री बने मेघवाल, बहुतों के लिए प्रेरणा श्रोत

नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। बुनकर से भारतीय प्रशासनिक सेवा(आईएएस) के अधिकारी बने अर्जुन राम मेघवाल सांसद निर्वाचित हुए और मंगलवार को केंद्रीय मंत्री बन गए। मेघवाल की जीवन यात्रा बहुत सारे लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत है।

दलित सांसद मेघवाल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में मंगलवार को जगह मिली है। यह उनके जीवन संघर्ष के साथ ही राजस्थान के बीकानेर में रॉबर्ट वाड्रा के कथित अवैध भूमि सौदे को प्रकाश में लाने के काम का सम्मान भी है। मेघवाल बीकानेर संसदीय क्षेत्र का ही प्रतिनिधित्व करते हैं।

बीकानेर के किसमिदेसार गांव के एक पारंपरिक बुनकर परिवार में जन्मे मेघवाल की शादी मात्र 13 साल की उम्र में हो गई थी।

पिता के साथ बुनकर के रूप में काम करते हुए भी उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। बीकानेर के श्री डुंगर कॉलेज से उन्होंने बीए की डिग्री पाई और उसी संस्थान से वकालत की स्नातक डिग्री एलएलबी और स्नातकोत्तर डिग्री भी हासिल की।

पढ़ाई पूरी करने के बाद मेघवाल ने प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। उन्हें भारत डाक एवं तार विभाग में टेलीफोन ऑपरेटर का पद मिला।

राजनीति में उनकी शुरुआत तब हुई, जब वह टेलीफोन ट्रैफिक एसोसिएशन का चुनाव लड़े और महासचिव चुने गए।

टेलीफोन ऑपरेटर के रूप में काम करते हुए मेघवाल ने दूसरे प्रयास में राजस्थान राज्य प्रशासनिक सेवा की परीक्षा पास कर ली।

नौकरशाहों की शीर्ष टोली में इन्हें तब जगह मिली जब इनको भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी के रूप में प्रोन्नत्ति मिली और राजस्थान के चुरू के जिलाधिकारी बने।

वर्ष 2009 में भाजपा ने मेघवाल को बीकानेर से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट का प्रस्ताव दिया। वह जीत कर संसद सदस्य बन गए।

उसी संसदीय क्षेत्र से मेघवाल वर्ष 2014 में फिर निर्वाचित हुए।

मेघवाल लोकसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक हैं। वह उन इने-गिने सांसदों में हैं, जो साइकिल से संसद जाते हैं। वह शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रपति भवन भी साइकिल से ही पहुंचे थे।

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