कोलकाता, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान (नीति) आयोग के सदस्य विवेक देबरॉय ने मंगलवार को कहा कि बेहतर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के लिए एक अप्रैल 2017 तक इंतजार करना बेहतर होगा।
भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित एक विशेष सत्र में यहां उन्होंने कहा, “मेरे विचार से एक अप्रैल, 2017 तक इंतजार करना बेहतर होगा, ताकि एक बेहतर जीएसटी लागू हो सके, जो उस जीएसटी से बेहतर होगा, जिसमें हमारे हाथ इस तरह से बंधे होंगे कि हम सभी करों की दर समान करने के मूल लक्ष्य को ही पूरा न कर पाएं।”
सरकार ने गत महीने यह संकेत दिया था कि जीएसटी एक अप्रैल, 2017 से लागू किया जाएगा, चाहे भले ही जीएसटी पर संविधान संशोधन विधेयक राज्यसभा में बजट सत्र में ही पारित हो जाए।
जीएसटी विधेयक राज्यसभा में सत्ता पक्ष को प्रचुर बहुमत के अभाव में लंबित है।
देबरॉय ने कहा, “जीएसटी का मूल विचार यह है कि सभी तरह के कर जीएसटी में समाहित हो जाएंगे। कोई दूसरा कर नहीं होगा और सभी जीएसटी में समाहित होंगे।”
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