नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। देश में बैंकिंग और प्रतिभूति कंपनियों का आई पर खर्च साल 2017 में 8.6 फीसदी बढ़ा है और यह 8.9 अरब डॉलर रहा। शोध व सलाह कंपनी गार्टनर ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
आईटी सेवाओं पर खर्च सबसे तेजी से बढ़ा है और साल 2017 में यह 13.8 फीसदी रहा, इसके बाद सॉफ्टवेयर पर 13.4 फीसदी खर्च किया गया।
बैंकिंग और प्रतिभूति क्षेत्र की कंपनियों ने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरएफ)/सप्लाई चेन मैनेजमेंट (एससीएम)/कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट (सीआरएम) में और अधिक निवेश की योजना बनाई है, ताकि वर्तमान अवसंरचना को और सुदृढ़ बना सके।
गार्टनर की प्रमुख शोध विश्लेषक माउतुसी साउ ने कहा, “भारतीय बैंकिंग क्षेत्र एक बदलाव से गुजर रहा है। बैंक धीरे-धीरे अपनी शाखाओं की संख्या घटा रहे हैं तथा वर्तमान अवसंरचना की क्षमता बढ़ा रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “बैंकिंग क्षेत्र पर नोटबंदी के असर के बावजूद बैंक अपनी डिजिटल बदलाव परियोजना को आगे बढ़ा रहे हैं।”
गार्टनर ने कहा कि भारत में बैंकिंग और प्रतिभूति के क्षेत्र में मंदी का मुख्य कारण नोटबंदी था, लेकिन इसका असर जल्दी ही खत्म हो जाएगा।
इसमें आगे कहा गया कि विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट का भी बैंकिंग और प्रतिभूति क्षेत्र पर अप्रत्यक्ष असर पड़ा है।
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