कोलकाता, 11 जुलाई (आईएएनएस)। देश के सबसे बड़े ऋण प्रदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अध्यक्ष अरुं धती भट्टाचार्य ने मंगलवार को कहा कि देश की बैंकिंग प्रणाली में ऋण वृद्धि दर में गिरावट बरकरार है।
मौजूदा आर्थिक विकास दर और मुद्रास्फीति की दर पर भट्टाचार्य ने कहा, “विशेष रूप से बैंकिंग प्रणाली में ऋण की वृद्धि कम है। ऋण वृद्धि का प्रतिशत 9 होना चाहिए, जबकि फिलहाल यह 5 पर है।”
उन्होंने कहा, “आज, कंपनियों द्वारा लिया जाने वाला ज्यादातर ऋण बाजार से आ रहा है.. अगर इस संख्या को जोड़ दें तो ऋण वृद्धि 7.5 फीसदी हो जाएगी। लेकिन फिर भी यह (ऋण वृद्धि) जितना होना चाहिए उससे कम है।”
उनके अनुसार, एसबीआई डिजिटल स्पेस में कई खुदरा उत्पादों को लाने जा रहा है और डाटा एनालिटिक्स डिजिटल बैंकिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा, “हम डिजिटल स्पेस में कई खुदरा उत्पाद लाने जा रहे हैं, कॉर्पोरेट मोर्चे पर भी हम काफी कुछ उपलब्ध कराएंगे .. हमारे पास बहुत सारी योजनाएं हैं। उनमें से कुछ को हम बहुत ही कम समय में शुरू कर देंगे।”
भट्टाचार्य ने कहा, “कॉर्पोरेट मोर्चे पर हम लोगों को एक साथ लाने के लिए न केवल प्लेटफॉर्म का उपयोग करेंगे, बल्कि एनालिटिक्स से यह पता लगाएंगे कि कौन उत्पादन कर रहा है और किसे ऋण की कितनी जरूरत है।”
फिक्की द्वारा आयोजित बैंकिंग सम्मेलन में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एसबीआई खुदरा बैंकिंग में डाटा एनालिटिक्स का उपयोग करेगा।
शहर में बैंक की संपदा प्रबंधन सेवाओं का उद्घाटन करने के बाद भट्टाचार्य ने कहा कि उत्तर और पूर्वी राज्यों में ऋण अवशोषण क्षमता अपेक्षाकृत कम है।
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