बैडमिंटन में इस बार पदक जीतने के ज्यादा मौके : गोपीचंद

नई दिल्ली, 4 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय बैडमिंटन टीम के कोच पुलेला गोपींचद ने सोमवार को कहा कि इस साल अगस्त में होने वाले रियो ओलम्पिक में बैडमिंटन में भारत के पास पदक जीतने के ज्यादा मौके हैं।

पूर्व और वर्तमान में ओलंपिक खेलों में हिस्सा ले चुके खिलाड़ियों के संघ ओलंपियंस एसोसिएशन आफ इंडिया (ओएआई) की शुरुआत के मौके पर गोपीचंद ने पत्रकारों से कहा कि हमारे पास अभी कुछ समय बाकी है और इस दौरान हम अपनी तैयारियों को और बेहतर करेंगे।

पिछले ओलम्पिक से इस ओलम्पिक तक भारतीय बैडमिंटन में क्या बदलाव आया है, इस सवाल के जवाब में गोपीचंद ने कहा कि इस बार हमारे पदक जीतने की उम्मीद ज्यादा है।

गोपीचंद ने कहा, “इस बार हमारे पास पदक जीतने के ज्यादा मौके हैं। वहां विश्वस्तरीय खिलाड़ी होंगे जो प्रबल दावेदार होंगे, लेकिन कब क्या हो जाए, कोई नहीं जानता। दबाव और परिस्थतियां अहम रोल अदा करती हैं। आप किस तरह से इनको लेते हैं यह आप पर निर्भर है। पिछली बार सिर्फ सायना (नेहवाल) ही थीं, लेकिन इस बार उनके साथ कई खिलाड़ी हैं। इसलिए हमारे पास पदक जीतने के ज्यादा मौके हैं।”

उन्होंने कहा कि भारतीय बैटमिंटन खिलाड़ियों की तैयारी अच्छी है और इस बार भारत ओलम्पिक खेलों में अच्छा प्रदर्शन करेगा।

उन्होंने कहा, “हमारी तैयारी अच्छी चल रही हैं। अभी हमारे पास कुछ और समय बाकी है। हमारी तैयारी इस समय जिस तरह की है, उसको देखकर मैं कह सकता हूं कि ओलम्पिक तक हम और बेहतर हो जाएंगे। ओलम्पिक काफी मुश्किल होने वाले हैं, इसलिए हर कोई अच्छी तैयारी कर रहा है। मौजूदा तैयारी को देखकर उम्मीद है कि हम ओलम्पिक में अच्छा प्रदर्शन करेंगे।”

भारतीय बैडमिंटन ने एकल मुकाबलों में सफलता के कई परचम लहराए हैं, लेकिन युगल मुकाबलों में भारत हमेशा पीछे रहा है। गोपीचंद से जब पूछा गया कि क्या ओलम्पिक में युगल मुकाबलों में भारत पहले से बेहतर प्रदर्शन कर पाएगा तो उनका कहना था, “हमने ओलम्पिक में क्वालीफाई करने में सफलता हासिल की है और ओलम्पिक में भी हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।”

उन्होंने कहा, “हमने क्वालीफाई करने में सफलता हासिल की है। मनु-सुमिथ और ज्वाला-अश्विनी ने अच्छा प्रदर्शन कर क्वालीफाई किया है। युगल मुकाबलों का ड्रॉ काफी छोटा होता है। मैंने दबाव के कारण कई अजीब परिणाम देखे हैं। मेरा मानना है कि हमारी तैयारी अच्छी है और हम अच्छी प्रतिस्पर्धा करेंगे।”

2012 ओलम्पिक में भारत को साइना ने बैडमिंटन में एकमात्र पदक दिलाया था। उन्होंने लंदन ओलम्पिक में कांस्य पदक हासिल किया था। गोपीचंद से जब पूछा गया कि इस बार उन्हें कितने पदक की उम्मीद है, तो उन्होंने कहा कि यह दिन विशेष के खेल पर निर्भर करता है।

उन्होंने कहा, “पदक दिन विशेष के खेल पर निर्भर करता है। उस दिन जो जीतेगा उसको पदक हासिल होगा।”

ओलम्पिक के लिए कोई विशेष रणनीति के बारे में जब गोपीचंद से पूछा गया तो उन्होंने कहा, “यह मेरे दिमाग में पिछले एक साल हैं। हम कई चीजों पर काम कर रहे हैं।”

भारतीय कोच ने कहा, “रणनीति मेरे दिमाग में पिछले एक साल से है। कई चीजें हैं जिन पर हम काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ विशेष नहीं कर रहे हैं, हम सामान्य बातों पर ध्यान दे रहे हैं।”

कोच के तौर पर क्या गोपीचंद दबाव महसूस करते हैं, इस पर उन्होंने कहा “कोच के ऊपर हमेशा दबाव रहता है।”

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