नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने गुरुवार को अपने ऊपर लगे भाई-भतीजावाद के आरोपों से इनकार किया है।
बीएआई पर आरोप लगे थे कि उसके कुछ अधिकारी जापान की सद्भावना यात्रा पर अपने बच्चों को साथ ले गए थे।
बीएआई के कार्यवाहक महासचिव अनूप नारंग ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि ये आरोप बीएआई की छवि खराब करने के लिए लगाए गए हैं।
नारंग ने कहा, “मीडिया में हाल में आई खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। यहां तक कि खेल मंत्री विजय गोयल ने भी कहा है कि जिस कार्यक्रम को लेकर यह आरोप लगाए जा रहे हैं, वह एक सांस्कृति कार्यक्रम था और खेल मंत्रालय का इस कार्यक्रम से कोई लेना-देना नहीं था।”
उन्होंने कहा, “बीएआई और इसके अध्यक्ष अखिलेश दास गुप्ता के खिलाफ जांच शुरू होने से संबंधित मीडिया रिपोर्टों में कोई सच्चाई नहीं है और गुमराह करने वाली हैं। कुछ खास मंशा वाले दलों ने यह सब किया है, जो बीएआई की छवि और प्रतिष्ठा को धूमिल करना चाहते हैं।”
नारंग ने बीएआई के महासचिव विजय सिन्हा पर संघ को बदनाम करने के उद्देश्य से विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “बीएआई बताना चाहता है कि विजय सिन्हा को नौ जनवरी को बेंगलुरू में हुई बीएआई की कार्यकारी समिति की बैठख में बर्खास्त किया जा चुका है और वह अब बीएआई को बदनाम करने के उद्देश्य से हताशा में सारे हथकंडे अपना रहे हैं। बीएआई देश में बैडमिंटन के प्रचार-प्रसार में अथक रूप से लगा हुआ है और प्रतिभाशाली विश्वस्तरीय खिलाड़ियों की एक पूरी पीढ़ी तैयार की है, जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों में देश का मान बढ़ा रहे हैं।”
उल्लेखनीय है कि सिन्हा को उत्तर प्रदेश बैडमिंटन संघ (यूपीबीए) से भी बर्खास्त किया जा चुका है।
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