चाइनीज पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कांफ्रेंस (सीपीपीसीसी) की राष्ट्रीय समिति के अध्यक्ष यू झेंगशेंग ने शनिवार को पूर्वी चीन के जियांग्शू प्रांत के वूक्शी शहर में आयोजित चौथे विश्व बौद्ध धर्म फोरम के उद्घाटन समारोह में अपने बधाई पत्र में यह बात लिखी।
उन्होंने इस बधाई संदेश में लिखा कि बौद्ध धर्म दो संस्कृतियों के बीच एक-दूसरे से सीखने का एक अनूठा उदाहरण है और यह शांति एवं विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
यू ने कहा कि चीन के बौद्ध धर्म मंडलों ने बौद्ध धर्म के मानवतावादी दर्शन का पालन कर और इसे बनाए रखकर खुशहाल समाज के निर्माण में अहम योगदान दिया है।
उन्होंने बौद्ध सिद्धांतों एवं परंपराओं की व्याख्या करने और समय के अनुरूप योजनाबद्ध तरीके से सामाजिक जिम्मेदारी लेने के लिए मिलकर काम करने की दिशा में बौद्ध धर्म समुदायों का आह्वान किया।
इस आयोजन के लिए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की-मून, विदेशी राजनेताओं तथा बौद्ध धर्म के शीर्ष अनुयायियों ने भी बधाई संदेश भेजे।
विश्व बौद्ध फोरम की स्थापना के लिए चीन, ताइवान, हांगकांग और मकाओ के बौद्ध धर्म समुदायों ने संयुक्त रूप से प्रस्ताव रखा था। इस मंच की स्थापना बौद्ध धर्म के अनुयायियों के बीच संचार एवं संवाद को बढ़ाने के लिए की गई। इस बैठक में 52 देशों एवं क्षेत्रों से 1,000 से अधिक बौद्ध भिक्षुओं और विद्वानों ने हिस्सा लिया।
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