ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी को शीर्ष उद्योगपतियों की हरी झंडी

नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी को लेकर उद्योग जगत आश्वस्त है कि इसके कई फायदे हैं। शीर्ष उद्योगपतियों ने शुक्रवार को कहा कि बैंकिंग, वित्तीय सेवा व बीमा क्षेत्र, खुदरा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स व क्लाउड के लिए ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी लाभकारी है और सरकार को इसे प्रोत्साहन देना चाहिए।

ब्लॉकचेन एक डिस्ट्रिब्यूटेड डिजिटल टेक्नोलॉजी है, जो क्रिप्टोकरेंसी को सपोर्ट करता है। यह ऐसे व्यवसायों के लिए उपयुक्त है, जिसमें बड़ी मात्रा में आंकड़ों का हस्तांतरण होता है।

माइक्रोसॉफ्ट इंडिया ने एक बयान में कहा, “माइक्रोसॉफ्ट एज्योर क्लॉड ब्लॉकचेन के नुमाइशी व स्तब्धकारी विकास को मजबूती प्रदान कर रहा है और कंपनी एक व्यवस्था के तहत सार्वजनिक व निजी ब्लॉकचेन के बीच तालेमल में विश्वास करती है।”

कंपनी ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट ग्राहकों, साझेदारों व डेवलपर समुदाय के साथ मिलकर ब्लॉकचेन उद्यम की तत्परता को तेज करना चाहता है।

सोफोस इंडिया एंड सार्क के विक्रय विभाग में प्रबंध निदेशक सुनील शर्मा ने कहा कि इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजीका आम बजट में विशेष तौर पर जिक्र किया गया।

उन्होंने कहा, “बिटक्वाइन की लोकप्रियता बढ़ने और बहुत अधिक सावधानी के साथ कानून लागू करने की सख्त चेतवानी से क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने की चेतावनी स्पष्ट है।”

ब्लॉकचेन एंड क्रिप्टोकरेंसी कमिटी (बीएसीसी) और इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) के प्रमुख अजित कुमार खुराना ने कहा कि वह खुश हैं कि वित्तमंत्री ने क्रिप्टोकरेंसी की अहमियत को पहचाना और बजट के दिन इसपर चर्चा की। हालांकि उनकी बातों की गलत व्याख्या होने से वे दुखी हैं।

उन्होंने कहा, “हम इसे स्पष्ट करना चाहते हैं कि वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार क्रिप्टोकरेंसी को वैध मुद्रा व सिक्का नहीं मानती है और वह इन क्रिप्टो करेंसी के अवैध चलन या भुगतान व्यवस्था में इनके इस्तेमाल बंद करने के लिए सभी उपाय करेंगे। इसमें कोई दो राय नहीं कि करेंसी व सिक्के ही वैध मुद्रा हैं, लेकिन इससे अन्य परिसंपत्तियों की वैधता पर कोई टिप्पणी नहीं की गई, मसलन, सोना, स्टॉक्स, बांड, व अन्य परिसंपत्तियां भी कानूनी है। चूंकि हम हर नियमन को मानते हैं इसलिए क्रिप्टो एसेट्स का इस्तेमाल भुगतान के लिए खत्म करने को लेकर सरकार की स्थिति को भी समझते हैं।”

सैपिएंट कंसल्टिंग के वाइस प्रेसिडेंट राजा रमन ने कहा, “हम सामान्य रूप से ब्लॉकचेन और क्रिप्टो करेंसी के अंतर को समाप्त कर ब्लॉकचेन में आगे निवेश करना चाहते हैं और क्रिप्टोकरेंसी के दुरुपयोग को कम करना चाहते हैं।”

रेड हैट इंडिया व सार्क के प्रबंध निदेशक राजेश रेगे ने कहा कि वह एआई और ब्लॉकचेन की पहलों को शीघ्र अमल में लाने के बारे में सोच रहे हैं।

माइंडट्री के सीईओ रॉस्टोव रावनन का कहना है कि सरकार की अभिरुचि और ब्लॉकचेन जैसे क्षेत्र के लिए बजटीय आवंटन बेहतर नतीजों के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है।

साइबर सिक्योरिटी फर्म सिमेंटेक के अनुसार, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल 2018 में क्रिप्टोकरेंसी के अलावा अन्य कार्यो में हो सकता है।

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