भाजपा राष्ट्रभक्ति के प्रमाणपत्र बांटने की एजेंसी न खोले : शरद यादव

जबलपुर (मप्र), 21 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल-युनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने यहां रविवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राष्ट्रभक्ति के प्रमाण पत्र बांटने की एजेंसी न खोले, बल्कि केंद्र सरकार जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की रिहाई कराए।

उन्होंने कहा कि अगर कन्हैया को रिहा न कराया गया तो संसद और संसद के बाहर इस मामले पर आर-पार की लड़ाई होगी।

जबलपुर पहुंचे शरद ने संवाददाताओं से कहा कि जेएनयू छोटा भारत है। वहां हमेशा वैचारिक आजादी रही है। जहां तक नारों की बात है, नारों से कभी देश की संस्कृति और सभ्यता प्रभावित नहीं होती। देश की प्रतिष्ठा ओछी राजनीति करने से गिरती है और केंद्र सरकार वही कर रही है।

उन्होंने कहा कि जेएनयू में जिन्होंने देश विरोधी नारे लगाए हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए, मगर निर्दोष को फंसाया नहीं जाना चाहिए। आज पूरे देश में ‘राष्ट्रवाद’ के नाम पर माहौल बिगाड़ा जा रहा है।

शरद ने आगे कहा कि कश्मीर घाटी में रोजाना देश विरोधी नारे लगते हैं, पाकिस्तान के झंडे लहराए जाते हैं। जो लोग ऐसा करते हैं, वे पीडीपी के साथ हैं, यह समझते हुए भी भाजपा ने जम्मू एवं कश्मीर में सत्ता के लिए पीडीपी के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बनाई थी। वही भाजपा आज राष्ट्रवाद की बात कर रही है।

उन्होंने कहा, “हमें पता है कि देश की आजादी और आपातकाल के दौरान किसने क्या किया था। इस मसले पर हम ज्यादा बोलना नहीं चाहते।”

शरद ने कहा कि भाजपा अनावश्यक मुद्दों पर शोर मचाती है। बिहार चुनाव के दौरान गौमांस का मुद्दा उठाकर जन भावना भड़के का प्रयास किया गया था। पूर्वाचल के सात राज्यों में गौमांस खाया जाता है। दलित वर्ग मरे हुए जानवर का मांस खाते हैं। यह कोई मुद्दा नहीं है जिस पर हल्ला मचाया जाए।

उन्होंने कहा कि इसी तरह फर्जी वीडियो जारी कर कन्हैया को गिरफ्तार किया गया। राष्ट्रद्रोह का मुद्दा उठाया गया। इसके लिए मीडिया का उपयोग किया गया। यह ओछी राजनीति नहीं तो और क्या है?

शरद ने कहा कि देश के खिलाफ नारेबाजी करने वालों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए था। मगर देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय को छावनी बनाकर छात्रसंघ अध्यक्ष को गिरफ्तार किया जाना और उस पर देशद्रोह का मुकदमा चलाना बिल्कुल गलत है।

उन्होंने कहा कि कन्हैया निर्दोष है, यह प्रमाणित हो गया तो उसे तत्काल रिहा कराया जाए, पूरा मामला शांत हो जाएगा।

शरद ने कहा कि केंद्र सरकार कन्हैया को रिहा करवाए, क्योंकि दिल्ली की पुलिस केंद्र सरकार के अधीन है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कन्हैया को रिहा नहीं किया गया तो संसद और संसद के बाहर आर-पार की लड़ाई होगी।

उन्होंने कहा कि चुनाव के समय सभी पार्टी खुद को अच्छा बताने की कोशिश करती है। नरेंद्र मोदी ने कहा था कि उनकी सरकार बनने पर खेतों तक पानी पहुंचेगा, मगर ऐसा हुआ नहीं। खेतों तक पानी पहुंच जाए तो बेरोजगारी, महंगाई सहित अन्य समस्याओं का निदान हो जाएगा। मगर इस ओर सरकार का ध्यान नहीं है।

आरक्षण आंदोलन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसके पीछे कुछ और ही कारण है। आजादी के बाद से हरियाणा में कभी गैर जाट सरकार नहीं बनी। सच तो यह है कि पहली बार आई गैर जाट सरकार को जाट समुदाय बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है।

शरद ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी जाटों को मिले आरक्षण को अवैध करार दिया था। इसी तरह पाटीदार समुदाय दूसरे देशों में भी फैला हुआ है। यह समुदाय आर्थिक रूप से भी मजबूत है। यह समुदाय व्यापार करता है, नौकरी में उनका रुझान कम रहता है।

मध्यप्रदेश के बारे में उन्होंने कहा कि यहां भ्रष्टाचारियों का संगठित गिरोह कार्य कर रहा है। खनिज, रेत, भूमि, शिक्षा सहित हर क्षेत्र में माफिया सक्रिय है। मप्र में दूसरे प्रदेश से आकर रहने वाले लोगों की संख्या ज्यादा है। इसलिए यहां तीसरी पार्टी खड़ी करना एक बड़ी चुनौती है।

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