भाजपा शासन का चेहरा-नासिक कुम्भ ट्रेनों में अतिरिक्त किराया वृद्धि
July 25, 2015
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नासिक-भाजपा ने महाराष्ट्र के नासिक में आयोजित सिंहस्थ कुम्भ में जाने वाले गरीब हिन्दू तीर्थयात्रियों पर अतिरिक्त रेलवे किराये का बोझ डाला है । यह कांग्रेस समय से चला आ रहा पुराना फेशन है कि कुंभ, पुष्कर, अमरनाथ, पुरी या गंगासागर जाने वाले हिंदू तीर्थयात्रियों से अतिरिक्त किराया बसूल किया जाए | किन्तु भाजपा सरकार भी उसी प्रकार जजिया कर बसूले यह खेद का विषय है। मुगलों ने इसे “जिन्दा रहने का टेक्स” तो ब्रिटिश सरकार ने “तीर्थयात्रा विकास” नाम दिया, लेकिन केंद्र में या महाराष्ट्र में भाजपा के पास इसे जारी रखने का क्या स्पष्टीकरण है? लगता है कि जनता के द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधि सिंहस्थ कुंभ पर्व के अवसर पर रेलवे द्वारा किये गए किराए की वृद्धि से अनजान हैं ।
स्मरणीय है कि रेलवे प्रशासन ने सिंहस्थ के लिए चलाई जाने वाली विशेष लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए टिकट की जो दर तय की है, वह ‘तत्काल’ बुकिंग प्रणाली जैसी है, जिसके कारण श्रद्धालुओं को नियमित चलने वाली गाड़ियों की तुलना में ‘सिंहस्थ’ विशेष ट्रेनों के लिए 175 से 420 रु. अधिक भुगतान करना होगा । इसके अलावा किसी भी ट्रेन में नासिक से रेलवे टिकट की बुकिंग के लिए भक्तों को 5 से 10 रुपये अधिक देने होंगे । लाखों श्रद्धालु सिंहस्थ के अवसर पर नासिक जाते हैं | इसे देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए 15 अतिरिक्त ट्रेनों की घोषणा की है, लेकिन किराया वृद्धि के साथ | यह एक प्रकार से धार्मिक त्योहारों के अवसर पर हिंदुओं को हतोत्साहित करने और भड़काने की एक कुटिल चाल है ।
गरीब और असहाय हिन्दू तीर्थयात्रियों से रेलवे अधिकारियों द्वारा इस प्रकार अघोषित टेक्स तो बसूला जाता है, लेकिन तीर्थयात्रियों कि सुविधा बढ़ाने अथवा तीर्थ स्थान के विकास के लिए धेला भी खर्च नहीं किया जाता | अंग्रेजों जाने के बाद केंद्र और महाराष्ट्र राज्य में सत्ता अधिकांशतः कांग्रेस के हाथ में रही । उनकी हिन्दू विरोधी नीति जगजाहिर होने के चलते ही वे गद्दी से उतारे गए | किन्तु अब दिल्ली और राज्य की सरकार अगर पुराने ढर्रे पर ही चलती दिखेगी तो असंतोष और निराशा स्वाभाविक है |
किराए में इस प्रकार की वृद्धि के कारण, हिंदू श्रद्धालुओं को इस तीर्थयात्रा पर ज्यादा पैसा खर्च करना होगा। जब निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से किराए में की गई इस प्रकार की वृद्धि पर प्रतिक्रया जानने का प्रयास किया गया, तो यह बात सामने आई कि उन्हें इस वृद्धि की जानकारी ही नहीं थी । उनका जबाब था कि हम जानकारी लेकर फिर प्रतिक्रिया देंगे । और अगर इस प्रकार की बढ़ोतरी हुई है तो हम सम्बंधित व्यक्तियों से मिलकर इस तरह की बढ़ोतरी को वापस लेने का दबाब बनायेंगे ।