नई दिल्ली, 21 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को भारतवंशियों के लिए देश में निवेश करना आसान बनाने के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की नीति में कुछ निश्चित बदलाव के लिए मंजूरी दी।
भारतवंशियों में अनिवासी भारतीय (एनआरआई), र्पसस ऑफ इंडियन ओरिजिन (पीआईओ) और ओवरसीज इंडियंस ऑफ इंडिया (ओसीआई) शामिल हैं।
मंत्रिमंडल द्वारा जारी बयान के मुताबिक, एनआरआई की परिभाषा बदलने की मंजूरी दी गई है, जिसके तहत नागरिकता अधिनियम-1955 की धारा 7 (ए) के तहत विदेश में रहने वाला भारतीय नागरिक या ओसीआई कार्डधारक एनआरआई माने जाएंगे और केंद्र सरकार की 19 अगस्त 2002 की अधिसूचना के तहत पंजीकृत पीआईओ को ओसीआई माना जाएगा।
साथ ही विदेशी विनिमय प्रबंधन अधिनियम (एफईएमए) के तहत एनआरआई के निवेश को एक भारतीय के निवेश के समान घरेलू निवेश माना जाएगा।
बयान के मुताबिक इस बदलाव से देश में निवेश में अप्रत्याशित वृद्धि होगी।
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