वॉशिंगटन, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। इंडियाना में एक छोटे से शहर के आसपास के भारतीय मूल के अमेरिकी ह्दय विशेषज्ञ और दो अन्य चिकित्सकों पर बेवजह की प्रक्रियाएं अपनाने का मुकदमा दायर किया है। मुकदमा उनके 293 मरीजों ने दायर किया है।
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, इंडियाना स्टेट मेडिकेड प्रोग्राम ने इंडियाना निवासी डा.ॅ अरविंद गांधी और उनके साझेदारों डॉ. वेल असफौर और डॉ. सत्यप्रकाश माकम के विरुद्ध जांच शुरू कर दी है।
तीनों चिकित्सकों को संयुक्त स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भुगतान के एवज में लगभग पचास लाख डॉलर दिए गए। इसके चलते वे तीनों इंडियाना के सबसे ज्यादा अदायगी वाले चिकित्सक बन गए हैं।
टाइम्स के मुताबिक, एक चिकित्सक ने जिनका नाम अभियोग में शामिल नहीं है, कहा कि उसे अमेरिकी एटार्नी कार्यालय से एक समन मिला है। चिकित्सक के मुताबिक उसने डॉ. गांधी और उनके सहकर्मियों के कई पूर्व रोगियों के चिकित्सा चार्ट दे दिए हैं, जिनका उन्होंने इलाज किया था।
डॉॅ गांधी और उनकी प्रैक्टिस कंपनी कार्डियोलॉजी एसोसिएट्स ऑफ नॉर्थवेस्ट इंडियाना के मुताबिक, उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है और उन्हें कोई समन नहीं मिला है।
टाइम्स के मुताबिक, साझेदारों ने जमीन जायदाद में निवेश किया था।
चिकित्सकों के अतिरिक्त मुकदमे में सामुदायिक अस्पताल का नाम भी शामिल है। डॉ. गांधी अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों में एक ऊंचे दर्जे के सदस्य थे। मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि मरीजों पर बेवजह की प्रक्रियाएं अस्पताल प्रशासन की अनुमति से की जाती थीं। हालांकि अस्पताल के अधिवक्तओं ने कुछ भी गलत करने से आरोप से इनकार किया है।
डॉ. गांधी, उनकी प्रैक्टिस और अस्पताल के अधिवक्ताओं ने कहा कि मुकदमे का कोई आधार नहीं है और ईष्र्यालु चिकित्सकों ने डॉ. गांधी से उनके मरीज छीनने की कोशिश में और लोभी वकीलों ने बड़ा हाथ मारने के लिए यह मुकदमा दायर किया है।
एक चिकित्सक और अस्पताल के एक कर्मी द्वारा 2008 में दायर व्हिसल ब्लोअर मुकदमे में डॉ. गांधी और उनकी प्रैक्टिस के खिलाफ अनावश्यक बिल का ऐसा ही आरोप लगाया गया था।
लेकिन इस मुकदमे में बिना किसी के कोई गलती स्वीकारे मामले का निपटारा हो गया था। मुकदमे के समर्थन में अंतत: इंडियाना में हम्मोंड स्थित अमेरिकी एटरेनी कार्यालय भी शामिल हो गया था।
अस्पताल ने इस एवज में 48,942 डॉलर का भुगतान किया था।
टाइम्स के मुताबिक, अस्पताल और चिकित्सकों का कहना है कि मामले का निपटारा साबित करता है कि इसकी जांच हो गई थी कि उन्हें ऐसे ही कई आरोपों के लिए दोषमुक्त करार दिया गया था।
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