न्यूयॉर्क, 3 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय मूल के वकील कश्यप ‘काश’ पटेल ने रिपब्लिकन का वह विवादास्पद मेमो तैयार किया है, जिसमें संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) की आलोचना की गई है।
न्यूयॉर्क, 3 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय मूल के वकील कश्यप ‘काश’ पटेल ने रिपब्लिकन का वह विवादास्पद मेमो तैयार किया है, जिसमें संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) की आलोचना की गई है।
पटेल ने इस दस्तावेज का मसौदा तैयार किया है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रचार अभियान और रूस सरकार के बीच कथित संबंधों की एफबीआई जांच में अनियमितता बरतने की बात कही गई है।
सदन की खुफिया समिति के रिपब्लिकन सदस्यों की ओर से यह मेमो तैयार किया गया है, जिसे ट्रंप की मंजूरी के बाद शुक्रवार को सार्वजनिक किया गया। एफबीआई और डेमोक्रेट सदस्यों ने इस मेमो का विरोध किया है।
डेली बीस्ट ने इस मेमो से वाकिफ सूत्रों के हवाले से बताया कि पटेल ने इस खुफिया मेमो को पढ़ा और उन्होंने ही इस मेमो का मसौदा तैयार किया था।
डेली बीस्ट की रपट के अनुसार, वह पहले न्याय विभाग के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभाग में काम करते थे।
वह अप्रैल 2017 में वरिष्ठ आतंकवाद रोधी वकील के तौर पर समिति में शामिल हुए थे।
वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, शुक्रवार को जारी इस मेमो ने जहां एक तरफ व्हाइट हाउस और रिपब्लिकन के बीच तो दूसरी तरफ न्याय विभाग और एफबीआई के बीच बढ़ रहे अविश्वास को और बढ़ा दिया है।
पटेल इससे पहले वर्ष 2016 में तब खबरों में आए थे, जब उन्होंने संघीय अदालत में न्याय विभाग के लिए काम करते हुए टाई नहीं पहनी थी।
एबवदीलॉ डॉट कॉम की रपट के अनुसार, आतंकवाद संबंधी उस मुकदमे के दौरान, पटेल मध्य एशिया से आने के तुरंत बाद अदालत चले गए थे, जहां न्यायाधीश लिन ह्यूजेस ने उनके पहनावे को लेकर उनकी आलोचना की थी और उनका पासपोर्ट देखने की मांग की थी।
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