इस्लामाबाद, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। संकटग्रस्त यमन से पाकिस्तानी नागरिकों के साथ भारतीय नागरिकों को लेकर एक पाकिस्तानी नौसेना का जहाज मंगलवार को कराची पहुंचा। यमन से बचाए गए भारतीयों को उनके वतन भेजने के लिए नवाज शरीफ की सरकार ने एक विशेष विमान की व्यवस्था करने की पेशकश की है।
पाकिस्तानी नौसेना के जहाज पीएनएस असलात में यमन से बचाए गए विभिन्न नागरिकों में 11 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने कहा, “11 भारतीय नागरिकों को उनके मुल्क भेजने के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भारत के उच्चायुक्त को एक विशेष विमान का प्रबंध करने की पेशकश की है।”
इस्लामाबाद में एक वरिष्ठ भारतीय राजनयिक ने कहा कि भारतीय उच्चायुक्त ने अपने नागरिकों के लिए एक विशेष वाणिज्यिक विमान का प्रबंध कर लिया है। उन्होंने कहा कि हालांकि पाकिस्तान की विशेष विमान की पेशकश की बात को नई दिल्ली के साथ तत्काल साझा किया जा रहा है, जिसे इस बारे में फैसला लेना है।
भारतीय राजनयिक प्रभात के. जैन ने कहा, “पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ-साथ प्रतिनिधित्व करने वाले देशों की नौसेना ने यमन से अपने देश के नागरिकों को निकालते समय हमारे नागरिकों की बहुत सहायता की है। इसके लिए मैं भारत सरकार और भारतीय उच्चायुक्त की ओर से उनका धन्यवाद देता हूं।”
उन्होंने कहा, “यात्रा के दौरान मनोबल ऊंचा रखने के लिए मैं उनका बहुत आभारी हूं। अपने पाकिस्तानी भाइयों के साथ आए सभी 11 भारतीय चुस्त और तंदुरुस्त हैं।”
केरल के रतन ने डॉन ऑनलाइन को बताया कि वह एक परियोजना के लिए यमन गए थे। उन्होंने कहा, “जब हम वहां पहुंचे तो स्थिति अच्छी नहीं थी, लेकिन फिर भी हमें बोला गया कि हम काम कर सकते हैं। लेकिन एक हफ्ते बाद स्थिति बिगड़नी शुरू हो गई और हमें अल मलक्का भेज दिया गया।”
उन्होंने कहा, “अल मलक्का में जब हम अपने टर्मिनल पहुंचे तो हमने देखा कि पाकिस्तानी नौसेना का पोत लोगों को बचा रहा था। हमने भारतीय दूतावास से संपर्क किया और उन्होंने कहा कि हम उस पर जा सकते हैं। हम पोत पर चढ़ गए। पोत पर हमें बहुत प्रेम से रखा गया और प्राथमिकता दी गई। सभी सैनिकों ने सराहनीय काम किया।”
पाकिस्तानी नौसेना के युद्धपोत पीएनएस असलात मंगलवार को 146 पाकिस्तानी नागरिकों के साथ कराची बंदरगाह पहुंचा। इसके अलावा इस पोत में विभिन्न देशों के 36 नागरिक सवार थे।
dharmpath.com dharmpath