मुम्बई, 27 जून (आईएएनएस)। बेल्जियम में जारी हॉकी वर्ल्ड लीग (एचडब्ल्यूएल) सेमीफाइनल ेके ग्रुप मुकाबले में भारतीय टीम ने शुक्रवार को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ शानदार खेल दिखाया। अनावश्यक फाउल के अलावा भारत ने खेल के सभी विभाग में उम्दा प्रदर्शन किया और खासकर रक्षापंक्ति का काम सराहनीय है।
मुम्बई, 27 जून (आईएएनएस)। बेल्जियम में जारी हॉकी वर्ल्ड लीग (एचडब्ल्यूएल) सेमीफाइनल ेके ग्रुप मुकाबले में भारतीय टीम ने शुक्रवार को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ शानदार खेल दिखाया। अनावश्यक फाउल के अलावा भारत ने खेल के सभी विभाग में उम्दा प्रदर्शन किया और खासकर रक्षापंक्ति का काम सराहनीय है।
भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया यह अहम मुकाबला 2-2 की बराबरी पर छूटा। भारत के लिए फारवर्ड रमनदीप सिंह ने दो गोल किए जबकि पाकिस्तान की ओर से मोहम्मद इमरान ने दो गोल किए।
भारत ने मैच की काफी सकारात्मक शुरूआत की। दूसरे क्वार्टर तक भारतीय टीम ने लगातार चहलकदमी बनाए रखा और पाकिस्तानी टीम को दबाव में रखा।
बीरेंद्र लाकरा ने डिफेंस लाइन में शानदार काम किया। गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने कुछ अच्छे बचाव किए, जिससे उनके साथियों को आत्मविश्वास मिला।
भारत के लिए मैच का सबसे अच्छा पक्ष यह रहा कि भारतीय डिफेंस लाइन ने अपना काम बखूबी किया।
रक्षापंक्ति में मुस्तैद सभी खिलाड़ियों ने हर एक सीधे आक्रमण को बेकार कर दिया। मैच के दौरान अधिकांश खिलाड़ियों ने कोच की निर्देशों का पालन किया।
भारतीय खिलाड़ियों ने हालांकि कुछ मौकों पर संयम गंवाया भी और इसका फायदा पाकिस्तान को मिला। यही कारण था कि पाकिस्तान गोल करने में सफल हुआ।
भारतीय टीम को दो पीले कार्ड महंगे पड़े। भारतीय खिलाड़ियों को फाउल से बचना होगा क्योंकि उनके बाहर जाने से टीम का संतुलन खराब होता है।
खासतौर पर देवेंद्र वाल्मिकी को फाउल से बचना होगा।
भारत को पेनाल्टी कार्नर को गोल में बदलने की अपनी कला को फिर से परखना होगा। साथ ही आक्रमण में पैनापन लाना होगा। भारत पेनाल्टी कार्नर पर एक भी गोल नहीं कर सका, यह दुख की बात है।
भारत की युवा टीम पाकिस्तान की अनुभवी टीम के खिलाफ खेल रही थी। इससे टीम को भविष्य में फायदा होगा। खिलाड़ियों को कठिन मैचों के लिए जरूरी अनुभव मिला है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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