कोलकाता, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय प्राद्यौगिकी संस्थान (आईआईटी)-खड़गपुर और राष्ट्रीय जूट बोर्ड (एनजीबी) साथ मिलकर जूट के ऐसे सैनिटरी नैपकिन तैयार कर रहे हैं जो गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं।
मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता और गर्भाशय कैंसर के बीच संबंध को देखते हुए शोधकर्ताओं का मानना है कि यह उत्पाद महिलाओं को मासिक के दिनों में स्वच्छता रखने में सहायक होगा और साथ ही यह खत्म हो रहे जूट उद्योग को पुनर्जीवित करने में भी मददगार होगा।
इस उत्पाद को जूट से प्राप्त रेशों से तैयार किया गया है और इसकी गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए उच्च स्तरीय शोषक गुणों वाले पॉलिमर का भी इस्तेमाल किया गया है।
एनजीबी सचिव अरविंद कुमार एम ने मंगलवार को आईएएनएस को बताया, “हम इस पर परीक्षण कर रहे हैं। प्रारंभिक उत्पादन और प्रतिपुष्टि के बाद हम इसका उत्पादन बढ़ाने की कोशिश करेंगे।”
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