नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। भारत तथा अमेरिका ने साइबर सुरक्षा बढ़ाने तथा डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से साइबर मुद्दों पर मजबूत सहयोग के लिए प्रतिबद्धता जताई है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश विभाग में 11-12 अगस्त को अमेरिका-भारत साइबर वार्ता, 2015 के दौरान यह फैसला लिया गया। बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में इस फैसले के बारे में बताया गया।
बयान के मुताबिक, “इस वार्ता की अध्यक्षता अमेरिकी साइबर सुरक्षा समन्वयक तथा राष्ट्रपति के विशेष सहायक माइकल डैनियल व भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा उप सलाहकर अरविंद गुप्ता ने की।”
बयान में कहा गया, “साइबर मुद्दों पर विदेश विभाग के समन्वयक क्रिस्टोफर पेंटर तथा नीति नियोजन, आतंकवाद रोधी, वैश्विक साइबर मुद्दों के लिए विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव संतोष झा ने वार्ता की सह मेजबानी की।”
यह भी कहा गया कि वार्ता के दौरान अमेरिकी पक्ष का प्रतिनिधित्व विदेश, न्याय, होमलैंड सिक्योरिटी, वित्त तथा वाणिज्य विभाग ने किया जबकि भारत का प्रतिनिधित्व राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय तथा विदेश, गृह, संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक ने किया।
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी संयुक्त बयान के मुताबिक, “प्रतिनिधिमंडलों ने साइबर खतरे, साइबर सुरक्षा से संबंधित सूचनाओं को साझा करना, साइबर घटना प्रबंधन, ‘मेक इन इंडिया’ के संदर्भ में साइबर सुरक्षा सहयोग, साइबर अपराध से निपटने के प्रयास, इंटरनेट गवर्नेस से संबंधित मुद्दों सहित कई साइबर मुद्दों पर चर्चा की।”
बयान के मुताबिक, “औपचारिक वार्ता के अलावा, प्रतिनिधिमंडलों ने साइबर सुरक्षा व डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए निजी क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।”
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका के विदेश विभाग के उप सचिव एंटनी ब्लिंकेन तथा आतंकवाद रोधी व होमलैंड सिक्योरिटी के लिए राष्ट्रपति की सहायक लिसा मोनाको से भी मुलाकात की।
साइबर वार्ता का अगला दौर नई दिल्ली में 2016 में होगा।
dharmpath.com dharmpath