तेहरान, 23 मई (आईएएनएस)। भारत, ईरान और अफगानिस्तान ने सोमवार को ओमान की खाड़ी में चाबहार बंदरगाह को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इससे यह व्यापार को बढ़ावा देने वाला परिवहन एवं पारगमन का केंद्र बन जाएगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक ट्वीट में कहा, “संयोजकता का एक गलियारा। नेतागण चाबहार समझौते पर हस्ताक्षर के गवाह।”
इस समझौते पर हस्ताक्षर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ घानी के बीच त्रिपक्षीय बैठक के बाद हुआ।
भारत की तरफ से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने इस पर हस्ताक्षर किए।
इससे पहले सोमवार को भारत और ईरान ने चाबहार बंदरगाह को विकसित करने के लिए तीन समझौतों पर हस्ताक्षए किए।
चाबहार बंदरगाह के पहले चरण को बनाने के लिए समझौते को भारत के पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में गहरे समुद्र में बन रहे ग्वादर बंदरगाह के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। यह बंदरगाह मात्र 72 किलोमीटर दूर है।
चाबहार बंदरगाह के बन जाने से भारत के पास पाकिस्तान को नाकाम करने के लिए और अफगानिस्तान एवं मध्य एशिया से आगे के लिए एक वैकल्पिक सड़क-समुद्र मार्ग खुल जाएगा।
भारत पहले ही चाबहार को जोड़ने वाले अफगानिस्तान की 220 किलोमीटर लंबी जारांज-डेलाराम राजमार्ग के निर्माण पर 10 करोड़ डॉलर खर्च कर चुका है। इसे 606 मार्ग के नाम से भी जाना जाता है।
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