नई दिल्ली, 29 जनवरी (आईएएनएस)। आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 के मुताबिक भारत के बाहरी क्षेत्र की संभावनाएं उज्जवल दिख रही हैं और विश्व व्यापार में तेजी की संभावना है।
केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आर्थिक सर्वेक्षण संसद में प्रस्तुत किया। सर्वेक्षण में अनुमान लगाया गया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था गति पकड़ रही है और 2017 और 2018 में वैश्विक व्यापार में क्रमश: 4.2 फीसदी और चार फीसदी की बढ़ोत्तरी का अनुमान है, जबकि 2016 में व्यापार में 2.6 फीसदी की वृद्धि हुई थी।
सर्वेक्षण में कहा गया है, “वित्त वर्ष 2016-17 में निर्यात वृद्धि काफी हद तक वस्त्र एवं संबंधित उत्पादों और चमड़ा एवं चमड़ा विनिर्मित उत्पादों को छोड़कर सभी प्रमुख श्रेणियों में हुई सकारात्मक वृद्धि पर आधारित थी।”
सर्वेक्षण में आगे कहा गया है, “वित्त वर्ष 2017-18 (अप्रैल-नवंबर) में अच्छी निर्यात वृद्धि दर्ज करने वाले बड़े क्षेत्रों में इंजीनियरिंग सामान और पेट्रोलियम कच्चे तेल और उत्पाद शामिल थे, वहीं रासायनिक और संबंधित उत्पाद एवं वस्त्र और संबंधित उत्पादों के निर्यात में मामूली वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि प्रमुख रत्नों एवं आभूषण के निर्यात में नकारात्मक वृद्धि रही।”
सर्वेक्षण के मुताबिक “हालांकि तेल की कीमतों में वृद्धि से सुस्ती का जोखिम बना हुआ है।”
सर्वेक्षण में आगे कहा गया है, “हालांकि इससे विदेश से धन प्रेषण में बढ़ोत्तरी देखने को मिल सकती है, जिसकी शुरुआत भी हो गई है।”
सर्वेक्षण में कहा गया है कि सरकार की जीएसटी, लॉजिस्टिक जैसी समर्थनकारी नीतियों और कारोबार सुगम बनाने से संबंधित नीतियों से भी आगे मदद मिल सकती है।
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