उज्जैन, 14 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने यहां शनिवार को कहा कि दुनिया में विवादों (कॉन्फ्लिक्ट) के प्रबंधन (मैनेजमेंट) के लिए कई सेमिनार कराए जा रहे हैं, मगर भारत को आंतरिक विवादों के प्रबंधन (इनहेरेंट कॉन्फ्लिक्ट मैनेजमेंट) में महारत हासिल है।
मध्यप्रदेश के उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ कुंभ के दौरान आयोजित तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय विचार कुंभ के समापन मौके पर सार्वभौम अमृत संदेश जारी करने के बाद अपने संबोधन में मोदी ने कहा, “दुनिया में जो भी सर्वश्रेष्ठ है, उसे ग्रहण करने की सदियों से हमारी आदत रही है। हम ऐसे समाज के लोग हैं, जहां विविधताएं हैं, कभी-कभी बाहर के लोगों को कॉन्फ्लिक्ट भी नजर आता है।”
उन्होंने कहा, “दुनिया कॉन्फ्लिक्ट मैनेजमेंट को लेकर अनेक सेमिनार करा रही है, लेकिन रास्ते नहीं मिल रहे हैं। हम लोग है जिन्हें इनहेरेंट कॉन्फ्लिक्ट का मैनेजमेंट सिखाया गया है, नहीं तो हम राम और प्रहलाद तथा सीता व मीरा को नहीं पूज सकते थे।”
मोदी ने कहा कि राम ने पिता की आज्ञा मानी और प्रहलाद ने पिता की आज्ञा नहीं मानी। इसी तरह सीता ने पति की बात मानी और मीरा ने पति की बात नहीं मानी। यह कितना बड़ा कॉफ्लिक्ट है।
उन्होंने कहा, “इससे पता चलता है कि हम कॉन्फ्लिक्ट मैनेजमेंट में कितने सफल लोग हैं। हम हठवादिता से बंधे लोग नहीं हैं, बल्कि दर्शन से जुड़े लोग हैं। हमारा दर्शन जीवन जीने की प्रेरणा देता है।”
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