नई दिल्ली, 9 सितम्बर (आईएएनएस)। भारत में जारी व्यापार घाटे को देखते हुए भारत और चीन निर्यात बढ़ाने के लिए कार्य समूहों के गठन पर सहमत हो गए हैं। वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने शनिवार को यह जानकारी दी।
नई दिल्ली, 9 सितम्बर (आईएएनएस)। भारत में जारी व्यापार घाटे को देखते हुए भारत और चीन निर्यात बढ़ाने के लिए कार्य समूहों के गठन पर सहमत हो गए हैं। वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने शनिवार को यह जानकारी दी।
प्रभु ने एक ट्वीट में कहा, “चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे से चिंतित होते हुए, चीन और भारत निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों के हिसाब से कार्य समूहों के गठन पर राजी हुए हैं।”
प्रभु ने पहले कहा था कि उनका मंत्रालय देश का निर्यात बढ़ाने के तरीके तलाश रहा है, खासतौर से जुलाई में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद यह क्षेत्र ‘चुनौतीपूर्ण दौर’ से गुजर रहा है।
उन्होंने पहले कहा था, “जीडीपी के अनुपात में निर्यात को बढ़ाना होगा. हम कोशिश कर रहे हैं कि खासतौर से जीएसटी जैसे मुद्दे सामने आने के बाद इसे तेजी से बढ़ाने के लिए क्या कर सकते हैं।”
प्रभु ने वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय का पदभार संभालने के बाद कहा था कि जीएसटी शासन में नियार्तकों को कुछ मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है, जिसे मंत्रालय ने संबंधित अधिकारियों के सामने रखा है।
लगातार 10 महीनों की तेजी के बाद भारतीय सामानों के निर्यात में जुलाई में 6.84 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी और यह 21.69 अरब डॉलर रही थी, जबकि जून में यह 4.39 फीसदी बढ़कर 23.56 अरब डॉलर थी।
dharmpath.com dharmpath