भारत चीन युद्ध के जांबाज योद्धा रामनिवास का निधन

युद्ध के दौरान वह कई दिनों तक बर्फ में दबे रहे और मौत से जूझते रहे। बाद में इन्हंे अपने दोनों पैरों की कुर्बानी भी देनी पड़ी थी। परिहार कई पुरस्कारों से भी सम्मानित किए गए हैं।

विगत दिनों प्रदेश सरकार के कल्याणकारी व लाभपरक योजनाओं के प्रचार-प्रसार में परिहार ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। एलईडी वैन के माध्यम से शासन की योजनाओं के प्रचार के दौरान परिहार ने गाइड के रूप में क्षेत्र की भौगोलिक स्थित व स्थानों के बारे में जानकारियां दी थीं।

पूर्व सैनिक रामनिवास ट्राई मोटरसाइकिल चलाते हुए राठ व जनपद के कई स्थलों पर भ्रमण कर अपनी जिंदादिली का परिचय देते रहे। उन्होंने जिंदगी में कई कठिन परिस्थितियों का सामना डटकर किया और परिवार को बखूबी संभाला। पूर्व सैनिक के परिवार में इस समय तीन पुत्र एक पुत्री हैं।

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