बीजिंग/नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। वित्त मंत्री अरुण जेटली गुरुवार को आधिकारिक पांच दिवसीय दौरे पर बीजिंग पहुंच चुके हैं, लेकिन आठवीं भारत-चीन वित्तीय वार्ता को जुलाई तक के लिए टाल दिया गया है, क्योंकि वार्ताकार ब्रिटेन में ब्रेक्सिट जनमत संग्रह से संबंधित घटनाक्रमों की समीक्षा कर रहे हैं।
नई दिल्ली में वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, आठवीं भारत-चीन वित्तीय वार्ता 27 जून को बीजिंग में होने वाली थी। लेकिन ब्रेक्सिट जनमत संग्रह को देखते हुए दोनों पक्षों ने एक सप्ताह पहले इसे टालने का फैसला किया।
वार्ता में भारत का प्रतिनिधित्व आर्थिक सचिव शक्तिकांत दास करने वाले थे।
शक्तिकांत दास ने गुरुवार को एक ट्वीट में कहा, “अगर ब्रिटेन ईयू से बाहर जाता है तो इसके लिए भारत तैयार है। ईयू में बने रहने या इससे बाहर निकलने के लिए आज जनमत संग्रह है। हम ब्रिटेन के घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं। भारत पूरी तरह से तैयार है।” ब्रेक्सिट जनमत संग्रह का परिणाम शुक्रवार तक आ जाने की उम्मीद है।
नई दिल्ली में वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और बीजिंग में भारतीय मिशन के अधिकारियों ने कहा कि ऐसे भी वार्ता सचिव स्तर की थी, मंत्री स्तर की नहीं।
उन्होंने बताया जेटली अपने कार्यक्रमों में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक ही हिस्सा लेंगे, जिसमें 27 जून को अपने समकक्ष लू जिवी के साथ वार्ता और निवेशकों तथा बैंकरों के साथ सम्मेलन शामिल है।
जेटली 25-26 जून को एशिया अवसंरचना निवेश बैंक (एआईआईबी) की प्रथम बोर्ड ऑफ गवर्नर्स बैठक में भी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
अप्रैल 2005 में चीन के तत्कालीन प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ भारत दौरे के क्रम में भारत-चीन वित्तीय वार्ता स्थापित की गई थी। अभी तक इसकी सात चक्र की वार्ता हो चुकी है। आखिरी वार्ता नई दिल्ली में दिसंबर 2014 में हुई थी।
dharmpath.com dharmpath