नई दिल्ली, 18 जुलाई (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) द्वारा कुलभूषण जाधव को दी गई मौत की सजा पर रोक लगाने के अगले दिन भारत ने पाकिस्तान से नौसेना के पूर्व अधिकारी को बिना किसी देरी के रिहा करने के लिए कहा है।
राज्यसभा में बयान देते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि जाधव पर जो आरोप लगे हैं वे साबित नहीं हो सके हैं और इस लिहाज से वह निर्दोष हैं।
जयशंकर ने राज्यसभा में कहा, “कोई जबरन कबूलनामा नहीं, वो भी बिना कानूनी प्रतिनिधित्व और नियत प्रक्रिया के बिना भी यह तथ्य बदल जाएगा। हम एक बार फिर पाकिस्तान से जाधव को तत्काल रिहा करने और उनके देश लौटाने के लिए कहते हैं।”
उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि मेरे साथ सदन भी जाधव के परिवार के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दिखाएगा। इस कठिन परिस्थिति में उन्होंने अनुकरणीय साहस दिखाया है।”
उन्होंने कहा, “मैं उन्हें आश्वस्त कर सकता हूं सरकार जाधव की सुरक्षा के लिए सख्ती से प्रयासरत रहेगी।”
सदन में सभी दलों ने जाधव के लिए अपना समर्थन जताया।
भारत की बड़ी जीत के तहत वैश्विक अदालत आईसीजे ने बुधवार को पाकिस्तान को जाधव को फांसी नहीं देने का आदेश दिया था और उसे उसकी सैन्य अदालत द्वारा जाधव को दी गई फांसी की सजा पर दोबारा विचार करने के लिए कहा था।
आईसीजे ने पाकिस्तान को जाधव तक राजनयिक पहुंच दिए जाने का भी निर्देश दिया, और कहा कि पाकिस्तान ने इस संबंध में जाधव को उनके अधिकार देने से इंकार कर वियना संधि का उल्लंघन किया है।
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