संयुक्त राष्ट्र, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत ने कहा है कि वह इजरायल और फिलिस्तीन के लंबे समय से चले आ रहे विवाद को निपटाने के लिए दो अलग-अलग स्वतंत्र राष्ट्रों की स्थापना का समर्थन करता है। सुरक्षा परिषद में गुरुवार को भारत के प्रतिनिधि कमलेश पासवान ने यह कहने के साथ फिलिस्तीन के प्रति भारत के मजबूत समर्थन को फिर से दोहराया।
संयुक्त राष्ट्र, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत ने कहा है कि वह इजरायल और फिलिस्तीन के लंबे समय से चले आ रहे विवाद को निपटाने के लिए दो अलग-अलग स्वतंत्र राष्ट्रों की स्थापना का समर्थन करता है। सुरक्षा परिषद में गुरुवार को भारत के प्रतिनिधि कमलेश पासवान ने यह कहने के साथ फिलिस्तीन के प्रति भारत के मजबूत समर्थन को फिर से दोहराया।
मध्य पूर्व के मसले के हल से संबंधित परिषद की एक चर्चा में पासवान ने कहा, “भारत बातचीत से होने वाले एक ऐसे समाधान के पक्ष में है जो सार्वभौम, आजाद, सक्षम और मजबूत फिलिस्तीन राष्ट्र की शक्ल में सामने आए। एक ऐसा देश जिसकी राजधानी पूर्वी जेरूसलम हो और जो इजरायल की सीमा के साथ लगी अपनी सुरक्षित और मान्य सीमा के अंदर शांतिपूर्ण तरीके से रह सके।”
उन्होंने कहा, “आज यह चर्चा एक अन्य ऐसे बेवक्त मौके पर हो रही है जब हिंसा की घटनाएं और उसका सैन्य जवाब दोनों पक्षों के तरफ के लोगों की जान ले रहा है।”
उन्होंने कहा, “हम स्थिति को काबू में करने की कोशिशों का स्वागत करते हैं। दोनों पक्षों से आग्रह करते हैं कि तनाव को घटाने के लिए संयम बरतें और ऐसा माहौल बनाएं जिसमें शांति वार्ता फिर से शुरू हो सके।”
पासवान पूर्वी उत्तर प्रदेश के बांसगांव लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद हैं। पासवान सत्ता पक्ष-विपक्ष के उन पांच सांसदों में हैं जो संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं।
चर्चा के दौरान पासवान ने इजरायल का नाम केवल एक बार लिया जब उन्होंने इजरायल की सीमा के साथ फिलिस्तीन के अस्तित्व में आने की बात कही थी। चर्चा में इजरायल और फिलिस्तीन के बीच की तीखी नोक-झोंक से वह अलग रहे।
पासवान ने हाल में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की फिलिस्तीन यात्रा का जिक्र किया। लेकिन, इजरायल में मुखर्जी के स्वागत का जिक्र नहीं किया।
उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति मुखर्जी की यात्रा फिलिस्तीनी ध्येय के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराती है। यह एक आजाद और सार्वभौम फिलिस्तीनी राष्ट्र की स्थापना के लिए किए जा रहे प्रयासों को हमारे राजनयिक और राजनैतिक समर्थन को भी दिखाती है।”
पासवान ने यमन की बिगड़ती हिंसा पर चिंता जताई और कहा कि उम्मीद है कि यहां संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता का सकारात्मक नतीजा निकलेगा।
उन्होंने सीरिया मसले के शांतिपूर्ण राजनैतिक समाधान की बात की।
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