नई दिल्ली रूस को जिन युद्धपोतों का आर्डर देगी, उनका निर्माण भारत में ही किया जा सकता है।
रूस के हथियार निर्यात संगठन ‘रोस-अबारोन-एक्सपोर्त’ के उपमहानिदेशक वीक्तर कमारदिन ने बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए यह बात कही। पहली नौसैनिक प्रदर्शनी ‘नामेएक्सपो-2013’ में बोलते हुए उन्होंने कहा — भारत ख़ुद ये युद्धपोत अपने यहाँ बनाकर देख सकता है, लेकिन वे युद्धपोत अच्छी क्वालिटी के नहीं होंगे।
रोस-अबारोन-एक्सपोर्त के उपमहानिदेशक के अनुसार 11356 क़िस्म के नए युद्धपोतों का निर्माण भारत में किया जा सकता है, लेकिन वहाँ उनको बनाने में सामान्य से तिगुना समय लगेगा। उन्होंने कहा कि रूस को अभी भारत से इस सिलसिले में निविदा जारी होने की कोई सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि अभी तक हम इस बात की पुष्टि नहीं कर सकते हैं कि रूस को इस तरह के नए युद्धपोतों का निर्माण करने का कोई आर्डर मिला है।
वीक्तर कमारदिन ने बताया कि भारत में हथियारों की ख़रीद के नए नियम बना दिए गए हैं, जिनके अनुसार रक्षा मन्त्रालय ने सेना को उन भारतीय फ़र्मों से ही हथियार ख़रीदने के लिए बाध्य किया है, जो ख़ुद भारत में हथियारों का उत्पादन करने के लिए विदेशी साझेदारों को ढूँढेंगी।from radio rasia
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