नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। पड़ोसी देश नेपाल में शनिवार को आए भीषण भूकंप के प्रभाव से भारत भी अछूता नहीं रहा। देश के विभिन्न राज्यों में कम से कम 34 लोगों की मौत हो गई है। गृह मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
गृह सचिव एल.सी.गोयल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “ताजा सूचना के मुताबिक, अब तक 34 लोगों के मौत की पुष्टि हो चुकी है। बिहार में 23, उत्तर प्रदेश में आठ तथा पश्चिम बंगाल में तीन लोगों की मौत हुई है।”
प्रभावित राज्यों में हालात से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के पांच दलों को पहले ही भेजा जा चुका है, जिसमें एक दल को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, जबकि बिहार के दरभंगा, सुपौल, मोतिहारी व गोपालगंज जिले में एक-एक दल को भेजा गया है।
बयान के मुताबिक, भूकंप का असर भारत के उत्तर में स्थित सभी राज्यों में महसूस किया गया, खासकर बिहार, उत्तर प्रदेश, सिक्किम तथा पश्चिम बंगाल में।
हालात के आकलन के लिए मंत्रालय सभी प्रभावित राज्यों के संपर्क में है। एनडीआरएफ के प्रत्येक दल में 45 कर्मी हैं, जो राहत व बचाव कार्यो के अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित हैं।
दल में चिकित्सा और अर्ध चिकित्सा कर्मी भी हैं। दल के पास लाइव डिटेक्टर मशीन व कटर हैं जो स्टील, कंक्रीट व लकड़ियों को काटने में सक्षम है।
बयान के मुताबिक, राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) हालात का जायजा लेने के लिए नियमित तौर पर बैठक कर रहा है। केंद्र सरकार राज्य सरकारों से संपर्क में है और बराबर हालात पर निगाह बनाए हुए है।
उन्होंने कहा, “इस संवाददाता सम्मेलन के बाद हालात की समीक्षा के लिए एनसीएमसी की फिर से बैठक होगी।”
नेपाल के बारे में गृह सचिव ने कहा कि नेपाल को केंद्र सरकार द्वारा हर संभव मदद उपलब्ध कराया जाएगा।
वहीं, भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के निदेशक एल.एस.राठौर ने कहा, “भूकंप के बाद पांच झटके महसूस किए गए। सबसे तीव्र झटके की तीव्रता 6.6 थी।”
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