सीआरसी ने कहा कि उसकी सहायक कंपनी थर्ड रेलवे सर्वे तथा डिजाइन इंस्टीट्यूट ग्रुप कॉरपोरेशन भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर काम करेगी और भारत में 1,200 किलोमीटर लंबी रेलवे परियोजना के व्यवहार्यता अध्ययन का काम शुरू करने के लिए अपने विशेषज्ञ भेजेगी।
उल्लेखनीय है कि भारत ने नई दिल्ली-मुंबई सहित तीन हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं के लिए दिसंबर में वैश्विक निविदा जारी किया था, जिसके बाद सात देशों की 12 कंपनियों ने ठेके पर बोली जमा की है।
सीआरसी ने कहा कि चीन की रेलवे प्रौद्योगिकी विश्वसनीय व अनुकूल है तथा कीमत/प्रदर्शन अनुपात कम है।
चीन में वर्तमान में हाई स्पीड रेलवे का लगभग 17 हजार किलोमीटर लंबा रेल ट्रैक है, जो दुनिया के 60 फीसदी से भी अधिक है।
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