वाशिंगटन, 29 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका भारत के साथ व्यापार करने और एक आर्थिक शक्ति के रूप में भारतीय उत्थान के लिए काम करने में बड़ी संभावना देखता है। यह बात अमेरिका में भारतीय राजदूत अरुण सिंह ने कही है।
वाशिंगटन, 29 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका भारत के साथ व्यापार करने और एक आर्थिक शक्ति के रूप में भारतीय उत्थान के लिए काम करने में बड़ी संभावना देखता है। यह बात अमेरिका में भारतीय राजदूत अरुण सिंह ने कही है।
साप्ताहांत में हुए एक कार्यक्रम में सिंह ने कहा कि भारत भी अवसंरचना, स्मार्ट शहर, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे कार्यक्रमों में अमेरिका को अनिवार्य साझेदार समझता है।
सिंह ने ‘भारत-अमेरिका संबंधों का विकास’ विषय पर 20वें वार्टन इंडिया इकॉनॉमिक फोरम में कहा, “भारत के उदय में निवेश कर अमेरिका ने एक ऐसे देश से दोस्ती का वादा किया है, जहां 35 वर्ष के 80 करोड़ युवा बदलाव के लिए उतावले हैं।”
उन्होंने कहा, “निश्चित रूप से आने वाले समय में भारत और अमेरिका की आपसी समझ अतीत से बेहतर होगी।”
राजदूत ने कहा कि दोनों देशों के युवाओं का एक-दूसरे देश के प्रति नजरिया अनुकूल हो गया है।
उन्होंने कहा, “हमें हालांकि नए उभरते रिश्ते की चुनौतियों के प्रति सतर्क रहना होगा।”
उन्होंने कहा कि समस्या और मतभेद समय-समय पर पैदा होते रहेंगे। आपसी हितों और दूरगामी उद्देश्यों को देखते हुए उनका निराकरण करना होगा।
सिंह ने कहा कि कुछ वर्ष पहले राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारत और अमेरिका के रिश्ते को 21वीं सदी को पारिभाषित करने वाला कहा था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दोनों देशों की साझेदारी को प्राकृतिक गठबंधन कहा है।
सिंह ने कहा कि हमने अपने इस रिश्ते को वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का नाम दिया है।
सिंह ने भारत-अमेरिका संबंधों के प्रथम पांच दशकों का हवाला देते हुए कहा, “हमारे संबंध हमेशा ऐसे नहीं रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि अमेरिका के वैश्विक सुरक्षा हितों और भारत की नई आजादी को सुरक्षित रखने की प्राथमिकताओं के बीच आपसी संबंध में असुविधा पैदा होती रही है।
उन्होंने कहा कि गत दो दशकों में हालांकि दुनिया में काफी बदलाव आया है, जिससे दोनों देशों के आपसी हितों में समानता आती गई है।
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