इस्लामाबाद, 6 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान भारत के साथ शांति वार्ता बहाल करने के लिए व्याकुल नहीं है। यह बात पाकिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कही है।
सोमवार को प्रकाशित एक मीडिया रपट के अनुसार, प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश माामलों के सलाहकार, सरताज अजीज ने कहा कि वार्ता के लिए पाकिस्तान को कोई बेचैनी नहीं है।
लेकिन अजीज ने रविवार को तुरंत अपने बयान में जोड़ा कि यदि एशिया में शांति देखना है तो सबसे पहले समन्वय स्थापित करना होगा।
अजीज ने यह भी कहा कि भारत ने पाकिस्तान के साथ वार्ता और सद्भावना के लिए अवसर की खिड़की कभी नहीं खोली।
पाकिस्तान के दैनिक समाचार पत्र ‘डॉन’ के अनुसार, अजीज ने कहा कि गत जनवरी महीने में पठानकोट स्थित वायुसेना अड्डे पर हमले के बाद जब दोनों देशों के बीच वार्ता स्थगित हो गईं तो इस संदर्भ में पूरा घटनाक्रम खत्म हो गया।
अजीज ने कहा, “यह कहने में बड़ी विचित्र चीज लगती है कि गत नौ दिसंबर को यह यहां निर्णय लिया गया कि वार्ता फिर से शुरू होगी। इसके बाद पठानकोट में घटना हुई और सारी चीजें हवा में उड़ गईं।”
अजीज पाकिस्तानी टीवी चैनल, जियो न्यूज के एक कार्यक्रम ‘नया पाकिस्तान’ में बोल रहे थे।
उन्होंने भारत के रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर के बयान का उल्लेख किया, जिसमें पर्रिकर ने कहा था कि पाकिस्तान के साथ वार्ता और सद्भावना की खिड़की धीरे-धीरे बंद हो रही है।
पर्रिकर ने कहा था कि पाकिस्तान अच्छे और बुरे आतंकवादियों को अलग-अलग देखता है।
अजीज ने कहा, “वे (भारत) कहते हैं कि अगर हम (पाकिस्तान) आतंकवाद पर कुछ प्रगति करते हैं तो वे वार्ता करेंगे, लेकिन हम कहते हैं कि उन्हें (भारत) कश्मीर समेत सभी मुद्दों पर बात करनी चाहिए।”
उन्होंने कहा, “पूरी दुनिया इस बात पर सहमत है कि भारत और पाकिस्तान के बीच समग्र वार्ता होनी चाहिए।”
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