नई दिल्ली, 11 मई (आईएएनएस)। लोकसभा से पारित लेकिन राज्यसभा में लटके भूमि अधिग्रहण विधेयक को संसद की संयुक्त समिति के पास भेजा जा सकता है, वहीं वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक को राज्यसभा की प्रवर समिति के पास भेजा जा सकता है। सरकारी सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों के मुताबिक, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री एम.वेंकैया नायडू से मुलाकात की और कहा कि जीएसटी विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजा जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने प्रस्ताव किया कि समिति अपनी रपट संसद के अगले सत्र के पहले दिन पेश कर सकती है, जिसके बाद विधेयक पर विचार किया जाएगा।
इस बीच, भूमि अधिग्रहण विधेयक पर विपक्ष के लगातार विरोध के मद्देनजर, सरकार इसे एक संयुक्त समिति के पास भेजने पर विचार कर रही है, जिसमें दोनों सदनों के सदस्य होंगे।
एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा, “कल (मंगलवार) संसदीय दल की बैठक में मामले पर चर्चा के बाद दोनों विधेयकों को समितियों के पास भेजने को लेकर अंतिम फैसला किया जाएगा।”
सूत्रों ने कहा कि यदि भूमि विधेयक पर एक संयुक्त समिति का गठन किया जाता है, तो उसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों की संख्या अधिक होगी, क्योंकि यह सत्तारूढ़ पार्टी है।
सूत्रों के मुताबिक, “संयुक्त समिति में प्राय: दो-तिहाई सदस्य लोकसभा से, जबकि एक-तिहाई राज्यसभा के होते हैं। सबसे बड़ी पार्टी होने के मद्देनजर समिति में भाजपा बहुमत में होगी।”
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