इंफाल, 5 मई (आईएएनएस)। मणिपुर में आगामी एक जून को छह स्वायत्तशासी जिला परिषदों (एडीसी) के लिए होने वाले चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक पार्टियों ने चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
कांग्रेस शासित राज्य के सेनापति, सदर हिल्स, उखरूल, तामेंगलॉन्ग, चंदेल तथा चुराचांदपुर जिलों के छह स्वायत्तशासी जिला परिषदों की 144 सीटों पर कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के बीच मुख्य मुकाबला है।
आतंकवादी संगठनों की धमकियों को दरकिनार करते हुए अधिकांश राजनीतिक पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। बुधवार को नामांकन भरने की अंतिम तिथि है।
वर्तमान में सभी छह स्वायत्तशासी जिला परिषदों में कांग्रेस बहुमत में है और प्रत्येक में उसके 24 सदस्य हैं।
कांग्रेस के एक नेता ने आईएएनएस से कहा, “हम सभी छह जिलों में चुनाव लड़ेंगे। आतंकवादियों की धमकियों का हमपर कोई असर नहीं होने वाला।”
मणिपुर के उपमुख्यमंत्री गैखंगम ने एनएससीएन-आईएम (नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड-इसाक मुइवाह) पर कांग्रेस के एडीसी सदस्यों को धमकाने का आरोप लगाया है।
बीते छह दशकों से एनएससीएन-आईएम गेट्रर नागालैंड के लिए लड़ाई लड़ रहा है। इसने अगस्त 1997 में केंद्र सरकार के साथ एक युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किया था।
प्रस्तावित गेट्रर नागालैंड पड़ोसी तीनों राज्यों के हिस्सों को काटकर बनाया जाना था, जिसका असम, मणिपुर तथा अरुणाचल प्रदेश ने विरोध किया था।
आतंकवादी खतरों के मद्देनजर, राज्य निर्वाचन आयोग ने पश्चिमी इंफाल के आयुक्त कार्यालय में एक कार्यालय खोला है, जहां उम्मीदवारों द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किया जा रहा है।
आगामी एक जून को होने वाला एडीसी का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह 20 वर्षो बाद होने जा रहा है।
dharmpath.com dharmpath